डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की डेडलाइन 6 अप्रैल तक बढ़ाई। बातचीत जारी है, लेकिन इजराइल-ईरान तनाव और मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को 10 दिन के लिए टाल दिया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि अब नई डेडलाइन 6 अप्रैल (अमेरिकी समयानुसार शाम 8 बजे) तय की गई है।.उन्होंने कहा कि यह फैसला ईरान के अनुरोध पर लिया गया है ताकि दोनों देशों के बीच जारी बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार है जब ट्रम्प ने हमले की समयसीमा बढ़ाई है।
बातचीत जारी, लेकिन ईरान ने नहीं की पुष्टि
ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत “सकारात्मक दिशा” में आगे बढ़ रही है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान का स्पष्ट रुख है कि जब तक हवाई हमले और सैन्य कार्रवाई बंद नहीं होती, तब तक किसी भी शांति वार्ता का कोई मतलब नहीं है।
तेल टैंकर को लेकर ट्रम्प का बड़ा दावा
ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने भरोसा जताने के लिए 10 तेल टैंकरों को गुजरने दिया, जिनोमें से कई पर पाकिस्तान का झंडा था। उनके मुताबिक, यह कदम बातचीत में सकारात्मक संकेत देने के लिए उठाया गया.ट्रम्प के हमले रोकने के दावों के बीच इजराइल ने तेहरान पर नई हवाई कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी के कई इलाकों में धमाके सुने गए।दूसरी ओर, लेबनान से हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल की ओर 100 से ज्यादा रॉकेट दागे। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए हैं।
अमेरिका की सैन्य तैयारी भी तेज
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग मिडिल ईस्ट में लगभग 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें मरीन और पैराट्रूपर्स शामिल हो सकते हैं.यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब एक ओर कूटनीतिक बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर सैन्य तैयारियां भी बढ़ाई जा रही हैं।
ईंधन संकट के संकेत, वैश्विक असर संभव
वियतनाम ने बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोल और डीजल पर टैक्स अस्थायी रूप से हटा दिया है। इससे संकेत मिलते हैं कि मौजूदा संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। मध्य पूर्व में हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ इजराइल-ईरान और हिजबुल्लाह के बीच हमले तेज हो रहे हैं। आने वाले दिनों में 6 अप्रैल की डेडलाइन इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती है।