ईरान संघर्ष के बीच स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियार निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। वहीं यूरोप में इजराइली कंपनी एल्बिट सिस्टम्स से जुड़ी फैक्ट्री पर हमला, जांच जारी।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक स्तर पर हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। एक तरफ स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियार निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला लिया है, वहीं यूरोप में इजराइल से जुड़ी एक बड़ी सैन्य फैक्ट्री पर हमले की खबर सामने आई है।
अमेरिका को हथियार निर्यात पर रोक
स्विस सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष में शामिल देशों को युद्ध सामग्री का निर्यात फिलहाल अधिकृत नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत अमेरिका को नए हथियार निर्यात लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला स्विट्जरलैंड की पारंपरिक तटस्थता (Neutrality) नीति के अनुरूप लिया गया है। सरकार के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल संघर्ष की अवधि तक लागू रहेगा और हालात सामान्य होने पर इसमें बदलाव संभव है।
यूरोप में इजराइली सैन्य फैक्ट्री पर हमला
इसी बीच यूरोप में सुरक्षा को लेकर एक और बड़ी घटना सामने आई है। चेक गणराज्य में इजराइल की प्रमुख रक्षा कंपनी एल्बिट सिस्टम्स से जुड़ी एक यूनिट पर हमला किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार तड़के अज्ञात हमलावरों ने फैक्ट्री में आग लगा दी> आग से कई इमारतें जलकर नष्ट हो गईं और हमले की जिम्मेदारी एक अंडरग्राउंड समूह ने ली है खुद को ‘अर्थक्वेक फैक्शन’ बताने वाले इस समूह ने दावा किया कि यह यूनिट यूरोप में इजराइल के हथियार उत्पादन नेटवर्क का अहम हिस्सा थी।
जांच में जुटी पुलिस, आतंकी एंगल की आशंका
चेक पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे संभावित आतंकी घटना मानकर जांच की जा रही है। एल्बिट सिस्टम्स इजराइल की प्रमुख रक्षा कंपनियों में शामिल है, जो जमीन और हवाई युद्ध के लिए आधुनिक हथियार और तकनीक विकसित करती है और इजराइली सेना को सप्लाई करती है।
वैश्विक तनाव और बढ़ा
विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड का निर्णय कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश है। वहीं यूरोप में सैन्य ठिकानों पर हमले से सुरक्षा चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते टकराव के बीच ये घटनाएं संकेत देती हैं कि संघर्ष अब क्षेत्रीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक असर दिखाने लगा है।