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Oil Prices Fall After Trump Delays Iran Strike

ट्रंप के फैसले से तेल बाजार में राहत, कीमतों में बड़ी गिरावट

ट्रंप द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई टालने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 15% तक गिरावट। जानें ब्रेंट और WTI के ताजा भाव और बाजार पर असर।


ट्रंप के फैसले से तेल बाजार में राहत कीमतों में बड़ी गिरावट

Cruid Oil Price Down |

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक बाजार से राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तेल के दाम अचानक नीचे आ गए। इससे बाजार में एक तरह की राहत की लहर देखी गई। खासकर तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह खबर काफी अहम मानी जा रही है।

ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई में तेज गिरावट

ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल के दोनों प्रमुख बेंचमार्क में भारी गिरावट आई है: इसमें ब्रेंट क्रूड ऑइल करीब 15% गिरकर 96 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएटभी करीब 13.5% टूटकर 85.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह गिरावट बताती है कि बाजार में अचानक बिकवाली बढ़ी है, और निवेशकों ने जोखिम कम करने की कोशिश की है।

क्यों 100 डॉलर के पार पहुंच गया था तेल?

इससे पहले हालात बिल्कुल उलट थे। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और जहाजों पर हमलों की वजह से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की आशंका ने बाजार को हिला दिया था। यह दुनिया का सबसे अहम तेल सप्लाई रूट माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। जब यहां खतरा बढ़ा, तो सप्लाई को लेकर डर पैदा हुआ और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं।

क्या हैं इसके मायने?

ट्रंप के फैसले के बाद फिलहाल यह संकेत मिला है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है। इससे सप्लाई बाधित होने का जोखिम थोड़ा कम हुआ है, और बाजार ने राहत की सांस ली है। तेल की कीमतों में यह गिरावट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। खासकर भारत जैसे देशों के लिए, जहां तेल आयात का सीधा असर महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ता है।

आगे क्या रहेगा नजरिया?

हालांकि कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती। बाजार की नजर अब भी अमेरिका-ईरान के रिश्तों और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर टिकी हुई है। अगर क्षेत्र में शिपिंग पूरी तरह बहाल होती है, तो कीमतों में और स्थिरता आ सकती है। लेकिन जरा सा तनाव भी फिर से बाजार को ऊपर ले जा सकता है।

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