Breaking News
  • छत्तीसगढ़ के सुकमा में 5 लाख रुपए का इनामी नक्सली मारा गया
  • गुजरात के अमरेली में 3.1 मैग्नीट्यूड का भूकंप, 6 दिनों में दूसरा झटका
  • केंद्र सरकार का फैसला: पेट्रोल पम्प पर भी केरोसिन मिलेगा, हर जिले में 2 पम्प पर सुविधा
  • एमपी के 169 नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त
  • झांसी में कस्टडी से भागे बदमाश का एनकाउंटर, पैर में लगी गोली
  • सुल्तानपुर में वर्दी पहनते समय थाने में इंस्पेक्टर को लगी गोली, लखनऊ रेफर

होम > विदेश

No Kings Protest Against president Trump

अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ सड़कों पर गुस्सा: ‘नो किंग्स’ रैली में 80 लाख लोग शामिल

अमेरिका में ‘नो किंग्स’ रैली में 80 लाख लोग सड़कों पर उतरे। ट्रम्प सरकार की नीतियों के खिलाफ देशभर में विरोध तेज। व्हाइट हाउस ने जो कहा वह चौंका देगा।


अमेरिका में ट्रम्प के खिलाफ सड़कों पर गुस्सा ‘नो किंग्स’ रैली में 80 लाख लोग शामिल

Protest Against Trump |

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नाराजगी अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। शनिवार को हुए ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन में करीब 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। यह हाल के समय का सबसे बड़ा विरोध माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये प्रदर्शन पूरे यूनाइटेड स्टेट्स के सभी 50 राज्यों में 3300 से ज्यादा जगहों पर हुए। भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले प्रदर्शनों के मुकाबले इस बार करीब 10 लाख ज्यादा लोग शामिल हुए।

क्यों भड़का लोगों का गुस्सा

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि वे ट्रम्प सरकार की कई नीतियों से असंतुष्ट हैं। इसमें खासतौर पर ईरान के साथ बढ़ता तनाव, सख्त इमिग्रेशन नीति और महंगाई का असर शामिल है। इन मुद्दों को लेकर लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जताया। कई जगहों पर ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर और नारे भी दिखे।

तीसरी बार हुआ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन

ट्रम्प के खिलाफ यह कोई पहला विरोध नहीं है। इस प्रोटेस्ट से पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। पहला बड़ा प्रदर्शन जून 2025 में हुआ था। इसके बाद दूसरा अक्टूबर 2025 में हुआ। अब 28 मार्च 2026 को तीसरी बार लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं। हर बार भीड़ बढ़ती जा रही है, जो सरकार के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

व्हाइट हाउस का जवाब

वहीं, व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। अधिकारियों ने इसे “थेरेपी सेशन” बताते हुए कहा कि आम जनता पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ता। खुद ट्रम्प ने भी कहा कि उनके फैसले देश को मजबूत बनाने के लिए हैं। उन्होंने साफ किया कि वे 'राजा' नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

दुनिया के दूसरे शहरों में भी विरोध

दिलचस्प बात यह है कि विरोध सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। पैरिस, लंदन और लिस्बोन जैसे शहरों में भी लोग सड़कों पर उतरे। भीड़ ने ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया।

Related to this topic: