ईरान के लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास पर हिंसक हमला हुआ। पुलिस कार्रवाई में 9 लोगों की मौत की खबर, शहर में तनाव बरकरार है।
यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर जैसे ही फैली, पाकिस्तान के कराची में माहौल अचानक गरमा गया। शहर के सुल्तानाबाद इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। नारेबाजी, धक्का-मुक्की और फिर तोड़फोड़... हालात कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों से लैस थे। भीड़ का गुस्सा सीधे अमेरिका के खिलाफ दिखाई दे रहा था। कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें दूतावास के गेट के पास आग और धुएं के गुबार साफ देखे जा सकते हैं।
कैसे भड़का विरोध प्रदर्शन
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर को लेकर क्षेत्र में पहले से ही तनाव था। जैसे ही यह खबर पाकिस्तान पहुंची, कराची में कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का बुलावा किया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग अमेरिकी दूतावास के बाहर पहुंच गए। भीड़ में गुस्सा साफ दिख रहा था, और नारे तेज होते गए। कुछ लोगों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ते चले गए।
पुलिस ने आंसू गैस और हवाई फायरिंग
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख स्थानीय पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की। लेकिन जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो आंसू गैस के गोले छोड़े गए। कई जगह हल्की भगदड़ भी मची। इसके बाद पुलिस ने एहतियातन हवाई फायरिंग की। अंतर्राष्ट्रीय मल्टीमीडिया की एक बड़ी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस झड़प में कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि आधिकारिक आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं।
ट्रैफिक डायवर्ट, इलाका सील
सुरक्षा एजेंसियों ने सुल्तानाबाद से माई कोलाची तक की सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर मोड़ दिया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल उस इलाके से दूर रहें। पुलिस और रेंजर्स की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। हालात अब नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
ईरान की प्रतिक्रिया और बढ़ता वैश्विक तनाव
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की बात कही है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और गहरी हो गई है। उधर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पर हमला हुआ तो जवाब अभूतपूर्व होगा। उनके इस बयान ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।
ज़मीन पर क्या है हाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कराची में ऐसी हिंसा पहले भी देखी गई है, लेकिन इस बार मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा होने के कारण ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। कई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर रखे हुए हैं। लेकिन साफ है कि एक खबर ने पूरे क्षेत्र का तापमान बढ़ा दिया है, और इसके असर आने वाले दिनों में भी दिख सकते हैं।