इजराइल के हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला, पेट्रोल टैंक में आग। ईरान-इजराइल युद्ध तेज। फारस की खाड़ी में 18 भारतीय जहाज फंसे, हालात पर सरकार नजर रखे हुए।
ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। युद्ध के 32वें दिन इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा स्थित ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल हमला हुआ। इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया। लेबनान के ईरान समर्थक संगठन हिजबुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि उसने ईरानी मिसाइल के जरिए इस रणनीतिक ठिकाने को निशाना बनाया। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है यह मिसाइल के सीधे प्रहार से हुआ या इंटरसेप्ट किए गए मलबे से, इसकी जांच जारी है।
फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज फंसे
इस बीच, युद्ध का असर समुद्री मार्गों पर भी दिखने लगा है। फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर कुल 485 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं। भारत के जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, सभी भारतीय नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। सरकार ने स्थिति को संवेदनशील बताते हुए लगातार संपर्क बनाए रखा है।
ईरान में अमेरिकी हमले
सोमवार को ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर खड़े महान एयरलाइंस के एक विमान को भी नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विमान भारत से दवाइयां और राहत सामग्री लाने के मिशन पर था। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस्फहान में जोरदार धमाके
ईरान के रणनीतिक शहर इस्फहान में भी रातभर कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में आग के बड़े गुबार देखे गए. हालांकि, किन ठिकानों को निशाना बनाया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने एक घंटे के भीतर 8 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इनमें से कई मिसाइलें राजधानी रियाद की ओर दागी गई थीं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया।
तनाव चरम पर, वैश्विक असर की आशंका
ईरान-इजराइल युद्ध अब कई देशों को प्रभावित कर रहा है। इराक, लेबनान और सऊदी अरब में भी हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय जहाज और नागरिक इस क्षेत्र में मौजूद हैं। सरकार ने सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।