ईरान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है। ईरानी सेना ने खुद को पूरी तरह तैयार बताया और होर्मुज पर नियंत्रण का दावा किया।
ईरान ने अमेरिका और इजराइल को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने कहा कि अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं बची है और ईरान की सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।तेहरान में दिए बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ युद्धविराम बेहद कमजोर है। ऐसे में ईरान अपनी सैन्य तैयारी में कोई ढील नहीं देगा। अकरमी निया ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की असली सैन्य क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगाया।
होर्मुज स्ट्रेट पर IRGC का कंट्रोल
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से पर नेवी का कंट्रोल है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की नियमित नौसेना संभाल रही है।उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध के दौरान दुश्मन अपने किसी भी मकसद में सफल नहीं हो पाया। ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया है।दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत समेत कई देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
भारत आ रहा LPG टैंकर सुरक्षित होर्मुज पार कर रहा
इस बीच भारत के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। भारत आ रहा LPG टैंकर MV सनशाइन सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा है।रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय नौसेना और कई सरकारी एजेंसियां जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। मौजूदा तनाव के बीच यह 15वां LPG जहाज है जिसे सुरक्षित बाहर निकाला गया है।ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भारत की भूमिका की तारीफ करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए भारत की किसी भी पहल का ईरान स्वागत करेगा।
ईरान में शाहेद ड्रोन की परेड
ईरान में सरकार समर्थक रैलियों के दौरान रंग-बिरंगे शाहेद ड्रोन की परेड भी निकाली गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग इस्लामिक रिपब्लिक और ईरानी सेना के समर्थन में नारे लगाते नजर आए।Shahed-136 ड्रोन हाल के वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संघर्ष में काफी चर्चा में रहा है। ईरान इसे अपनी सैन्य ताकत के प्रतीक के रूप में पेश कर रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ रहा तनाव
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव अब पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में हालात और बिगड़े, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों, व्यापार और एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।