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Iran War Impact: US Loan Rates Rise, Costs Surge

ईरान युद्ध का असर अमेरिका पर भारी, लोन महंगे, आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

ईरान युद्ध का असर अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ रहा है।


ईरान युद्ध का असर अमेरिका पर भारी लोन महंगे आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

Inflation in Us |

ईरान के साथ जारी युद्ध का असर अब अमेरिका की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। बढ़ती महंगाई और बाजार में अस्थिरता के चलते होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों में तेजी आई है, जिससे खर्च बढ़ गया है।

शेयर बाजार और महंगाई का असर

वॉल स्ट्रीट में युद्ध के चलते भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता के कारण बाजार दबाव में है, जिसका असर सीधे आम लोगों की वित्तीय स्थिति पर पड़ रहा है।

होम लोन हुआ महंगा

फेडरल होम लोन मॉर्टगेज कॉर्पोरेशन (Freddie Mac) के अनुसार, 30 साल के फिक्स्ड होम लोन की ब्याज दर अब 6.37% तक पहुंच गई है। फरवरी के अंत में यह दर 5.98% थी, जो तीन साल में पहली बार 6% से नीचे आई थी। लेकिन युद्ध के बाद लगातार पांच हफ्तों तक इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ट्रेजरी यील्ड से जुड़ा है कनेक्शन

अमेरिका में होम लोन की दरें US Treasury Yield से जुड़ी होती हैं। फरवरी में 10 साल का ट्रेजरी यील्ड 4% से नीचे था, जो मार्च में बढ़कर 4.48% तक पहुंच गया। इसका सीधा असर लोन की दरों पर पड़ा।

विशेषज्ञों की चेतावनी

LPL Financial के मुख्य अर्थशास्त्री Jeffrey Roach के अनुसार, अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो तेल की सप्लाई बाधित होगी और महंगाई और बढ़ सकती है। इसके साथ ही कार खरीदना भी अब आसान नहीं रहा। 5 साल के ऑटो लोन की औसत ब्याज दर करीब 7% पहुंच गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया एट डेविस  के प्रोफेसर के मुताबिक, पहले से महंगी कारों पर बढ़ी ब्याज दरों ने खरीदारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

क्रेडिट कार्ड पर बढ़ा बोझ

फेडेरल रिजर्व की नीतियों के कारण क्रेडिट कार्ड की औसत ब्याज दर 19% से ऊपर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, ब्याज दरों में राहत मिलना मुश्किल है।

जेब पर कितना असर

अगर कोई 5 लाख डॉलर का घर खरीदता है, तो मौजूदा दरों पर उसे पहले की तुलना में करीब 36,000 डॉलर ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्टर्न के प्रोफेसर लेरी व्हाइट के अनुसार, इससे मासिक किस्तों में भी बड़ा इजाफा होगा।

आगे क्या संकेत

बैंकरेट के विश्लेषक स्टीफन केट्स का कहना है कि जब तक युद्ध खत्म नहीं होता, अनिश्चितता बनी रहेगी। इसका सीधा असर लोन की दरों और महंगाई पर पड़ता रहेगा, जिससे आम लोगों की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।

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