ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर अमेरिका-इजराइल का हवाई हमला। अब तक रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं, जंग के 22वें दिन तनाव बढ़ा। जानिए ताजा अपडेट।
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्र पर एक बार फिर हमला हुआ है। जंग के 22वें दिन अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त कार्रवाई की खबर सामने आई है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शनिवार सुबह नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर हवाई हमला किया गया। यह इस संघर्ष के दौरान दूसरी बार है जब इस संवेदनशील परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले के बावजूद अब तक किसी भी प्रकार का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ है। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं बताया गया है।
क्यों अहम है नतांज प्लांट
नतांज ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम संवर्धन केंद्र है, जहां परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। इसकी संरचना का बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बनाया गया है, ताकि बाहरी हमलों से सुरक्षा मिल सके। इससे पहले भी 2 मार्च और पिछले साल जून में इस प्लांट पर हमले किए जा चुके हैं, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत स्पष्ट होती है।
जंग के अन्य बड़े अपडेट
संघर्ष के बीच कई अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया आइलैंड पर ईरान द्वारा मिसाइल हमले की भी खबर आई, जिसे ब्रिटेन ने विफल बताते हुए निंदा की है। इराक की राजधानी बगदाद में भी ड्रोन हमले में एक अधिकारी की मौत की सूचना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष का असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। ऊर्जा आपूर्ति, शिपिंग रूट और वैश्विक बाजारों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।