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Iran Israel Missile Attack Update

ईरान का इजराइल पर बड़ा मिसाइल हमला, 300 से ज्यादा घायल; ट्रंप की धमकी के बाद भड़का तनाव

ईरान ने इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 300 से ज्यादा लोग घायल। ट्रंप की धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर, खाड़ी देशों में भी हलचल तेज।


ईरान का इजराइल पर बड़ा मिसाइल हमला 300 से ज्यादा घायल ट्रंप की धमकी के बाद भड़का तनाव

Iran Israel War attack on Power plant |

मिडिल ईस्ट में पहले से चल रहे तनाव के बीच रविवार सुबह हालात और बिगड़ गए। ईरान ने इजराइल पर एक के बाद एक बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। हमलों के बाद कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, सायरन बजते रहे और लोग बंकरों की ओर भागते नजर आए।

हमले में न्यूक्लियर साइट भी निशाने पर

ईरान ने यह हमला पहली बार नहीं किया है। इससे पहले शनिवार रात भी उसने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया था। डिमोना खास तौर पर इसलिए अहम है, क्योंकि यहां इजराइल का प्रमुख न्यूक्लियर प्लांट मौजूद है। लगातार दो दिनों तक हुए इन हमलों ने यह साफ कर दिया है कि अब यह टकराव सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर असर दिखने लगा है।

ट्रंप की धमकी के बाद बदले हालात

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ा कारण डोनल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी को माना जा रहा है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। इस बयान के बाद ईरान का रुख और आक्रामक हो गया है। अब वह सीधे इजराइल के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है।

ईरान की चेतावनी: ऊर्जा ठिकानों पर होगा जवाब

ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर उसके पावर प्लांट को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह चुप नहीं बैठेगा। तेहरान ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। यानी आने वाले दिनों में तेल रिफाइनरी, गैस प्लांट और पोर्ट्स भी इस जंग की चपेट में आ सकते हैं, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकते हैं।

ब्रिक्स से हस्तक्षेप की अपील

तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने BRICS देशों से अपील की कि वे इस संघर्ष को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। ईरान का कहना है कि यह संगठन बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करे और शांति बहाली में आगे आए।

खाड़ी देशों ने झाड़ा पल्ला, तनाव और गहराया

इस पूरे विवाद में खाड़ी सहयोग परिषद यानी गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल भी सामने आई है। जीसीसी ने ईरान के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि खाड़ी देश सैन्य कार्रवाई में शामिल हैं। संगठन के महासचिव जासिम अलबुदैइवी ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं, उल्टा ईरान ही क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल सुविधाओं को निशाना बना रहा है।

बगदाद में भी हमले, अमेरिकी ठिकाना निशाने पर

इसी बीच इराक की राजधानी बगदाद में भी हालात बिगड़ते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी ठिकाने पर रातभर रॉकेट और ड्रोन से हमले किए गए। कुछ रिपोर्ट्स में 8 हमलों की बात कही गई है, जबकि कुछ में 6, जिससे साफ है कि हालात काफी तनावपूर्ण और अस्थिर हैं। हालांकि अब तक इन हमलों में कितनी क्षति हुई है, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर

अब यह टकराव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें अमेरिका, खाड़ी देश और बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन भी सीधे या परोक्ष रूप से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ऊर्जा सप्लाई, समुद्री रास्ते और सुरक्षा ढांचे सब कुछ दांव पर है। आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि अगर हालात और बिगड़े तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर दिखेगा। इस असर से भारत भी अछूता नहीं रहेगा।

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