खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तीन टैंकरों को निशाना बनाया गया। ईरान के कदम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। मंगलवार को इस रणनीतिक समुद्री रास्ते में कई कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई। इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
ईरानी मीडिया के अनुसार एक कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया। वहीं ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO ने ओमान तट के पास दो अन्य जहाजों पर हमले की जानकारी दी। ईरान ने दावा किया कि कुछ जहाज तय किए गए रास्तों का पालन नहीं कर रहे थे और ऐसे में सुरक्षा की गारंटी देना मुश्किल है।
खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच बढ़ा समुद्री तनाव
होर्मुज में हमले ऐसे समय हुए हैं जब ईरान अपने सबसे बड़े धार्मिक और राजनीतिक चेहरों में से एक अयातुल्लाह अली खामेनेई को अंतिम विदाई दे रहा है। उनकी अंतिम यात्रा पहले तेहरान से होते हुए धार्मिक शहर कोम पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कोम ईरान में शिया धार्मिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। खामेनेई का भी इस शहर से गहरा जुड़ाव रहा है। अंतिम यात्रा में समर्थकों ने लाल झंडे भी दिखाए, जिन्हें ईरानी परंपरा में बदले और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
होर्मुज हमलों से वैश्विक बाजारों पर नजर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ सकता है। टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक एक जहाज को ड्रोन या प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा। कुछ जहाजों में आग लगने की जानकारी सामने आई, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े हताहत की पुष्टि नहीं हुई है। ब्रिटिश समुद्री निगरानी एजेंसी ने कुछ मामलों में मामूली नुकसान की बात कही है।
ईरान ने जहाजों के रूट को लेकर दिया बयान
ईरान की ओर से कहा गया कि होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को निर्धारित मार्गों का पालन करना होगा। तेहरान ने संकेत दिया कि सुरक्षा व्यवस्था उसके बताए नियमों के अनुसार ही सुनिश्चित की जा सकती है। दूसरी ओर कतर ने अपने टैंकर पर हुए हमले की निंदा की है। कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और ईरान को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद खाड़ी देशों की चिंता और बढ़ गई है।
ईरान के अंदर खामेनेई के बाद नई राजनीतिक चुनौती
खामेनेई की अंतिम यात्रा सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ईरान की राजनीतिक ताकत दिखाने का भी जरिया बन गई है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच ईरानी नेतृत्व ने एकजुटता और संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया है। अंतिम यात्रा में ईरानी नेताओं ने बदले की बात दोहराई। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर इस बात पर है कि खामेनेई के बाद ईरान की विदेश नीति और क्षेत्रीय रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
होर्मुज संकट ने बढ़ाई कूटनीतिक चिंता
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले ने अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और गहरा कर दिया है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा अब क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ वैश्विक व्यापार का भी बड़ा मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और ईरान के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।