ईरान जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ हादसे का शिकार हो गया। ओमान तट के पास हुए विस्फोट के बाद जहाज में आग लग गई, हालांकि सभी 14 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया।
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब समुद्री व्यापार पर भी असर डालता दिख रहा है, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा गुजरात का मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ ओमान तट के पास हादसे का शिकार हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक जहाज से किसी ड्रोन या मिसाइल जैसी वस्तु के टकराने के बाद उसमें आग लग गई।
घटना 13 मई की सुबह की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि ओमान कोस्टगार्ड ने जहाज में मौजूद सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर कैसे हुआ हादसा?
जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के मुताबिक MSV हाजी अली बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री इलाके के पास अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, क्रू मेंबर्स ने बताया कि कुछ ही मिनटों में जहाज के एक हिस्से में आग फैलने लगी। हालात बिगड़ते देख सभी कर्मचारियों को लाइफ बोट के जरिए बाहर निकाला गया। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज किसी मिसाइल का निशाना बना या फिर ड्रोन अटैक हुआ।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों बना हुआ है दुनिया की चिंता?
दरअसल होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक रास्तों में शामिल है। दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां बढ़ता सैन्य तनाव सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार और ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकता है यही वजह है कि भारत समेत कई देश लगातार सुरक्षित समुद्री आवाजाही की मांग कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी BRICS बैठक में होर्मुज क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई है।
इससे पहले भी गुजरात का जहाज हुआ था निशाना
यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 7 मई को गुजरात का एक और मालवाहक जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I भी अमेरिका और ईरान नेवी के बीच हुई फायरिंग की चपेट में आ गया था. लगातार दूसरी घटना के बाद गुजरात के समुद्री कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। खासकर छोटे भारतीय मालवाहक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
ईरान ने क्या कहा?
फिलहाल ईरान ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि जो जहाज ईरानी नौसेना के साथ समन्वय में चलेंगे, उन्हें सुरक्षित आवाजाही दी जाएगी।