पाकिस्तान के बलूचिस्तान में पुलिस पोस्ट पर आतंकी हमले में 9 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 5 लापता हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर 15 आतंकियों को मारने का दावा किया।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है। जियारत जिले की एक पुलिस पोस्ट पर हुए आतंकी हमले में कम से कम नौ सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी और जवाबी अभियान शुरू किया गया है। इस हमले ने बलूचिस्तान में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात और आतंकवाद से निपटने की पाकिस्तान की रणनीति पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात के अंधेरे में पुलिस पोस्ट को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार हमला सोमवार रात जियारत जिले के मांगी डैम क्षेत्र स्थित पुलिस पोस्ट पर हुआ। हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। जियारत के डिप्टी कमिश्नर अब्दुल कुदूस अचकजई ने नौ पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि की है, जबकि पांच पुलिसकर्मी अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश लगातार जारी है।
जवाबी कार्रवाई में 15 आतंकियों के मारे जाने का दावा
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाया। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के मुताबिक इस कार्रवाई में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 15 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि अभियान पूरा हो चुका है और कानून को चुनौती देने वालों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी खुफिया सूचनाओं के आधार पर आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहेंगे।
हमले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मारे गए
सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में मांगी और कवास पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) भी मारे गए हैं। इसके अलावा एंटी टेररिस्ट फोर्स के इंचार्ज हेड कांस्टेबल सैफुल्लाह की भी जान गई। इस घटना को हाल के महीनों में बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे गंभीर हमलों में से एक माना जा रहा है।
शहबाज शरीफ ने जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और बलूचिस्तान की शांति को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
लगातार हिंसा से घिरा है बलूचिस्तान
बलूचिस्तान लंबे समय से आतंकवादी हमलों और हिंसक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। सुरक्षा बल और पुलिस लगातार उग्रवादी संगठनों के निशाने पर रहते हैं। ताजा हमले के बाद एक बार फिर प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया तंत्र और आतंकवाद विरोधी अभियानों की प्रभावशीलता को लेकर बहस तेज हो गई है।