पश्चिम बंगाल चुनाव में पीएम मोदी ने हल्दिया रैली में TMC सरकार पर तीखा हमला बोला। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए और बदलाव का आह्वान किया।
नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘परिवर्तन की आंधी’ बताते हुए राज्य में सत्ता परिवर्तन का दावा किया।
हल्दिया से शुरू हुआ चुनावी हमला
प्रधानमंत्री ने मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में अपनी पहली जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद वे आसनसोल और सिउड़ी में भी रैलियां करेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल के विकास और भविष्य को नई दिशा देने का चुनाव है।
‘TMC सरकार ने युवाओं को दिया डबल धोखा’
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने राज्य के युवाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इससे हजारों युवाओं और उनके परिवारों के सपनों को नुकसान पहुंचा है।
विकास के मुद्दे पर सरकार घिरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल इस गति से पीछे रह गया है। उन्होंने हल्दिया के औद्योगिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि जहां कभी उद्योग और व्यापार फलता-फूलता था, वहां अब रोजगार के अवसर कम हो गए हैं और लोगों को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
‘गुंडाराज और सिंडिकेट कल्चर’ का आरोप
पीएम मोदी ने TMC पर ‘सिंडिकेट राज’ चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना कमीशन और ‘कट मनी’ के काम नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि उद्योगों के विकास के लिए भरोसे का माहौल जरूरी है, जो केवल भाजपा की सरकार दे सकती है।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं का नाम बदला गया या उन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया। उन्होंने मछुआरों, गरीबों और बुजुर्गों से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ लोगों तक सही तरीके से नहीं पहुंच रहा है।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय जरूरी है। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा को दोहराते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और जनता को सीधा लाभ मिलेगा।