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VHP on Ram Temple Probe

दोषी नहीं बचेंगे, जांच पूरी होने दें; विपक्ष आस्था पर राजनीति न करें - सुरेंद्र जैन

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर VHP नेता सुरेंद्र जैन ने कहा कि SIT जांच पूरी होने दें। दोषी पाए जाने पर किसी को नहीं बख्शा जाएगा। विपक्ष से सबूतों के साथ जांच में सहयोग की अपील भी की।


दोषी नहीं बचेंगे जांच पूरी होने दें विपक्ष आस्था पर राजनीति न करें - सुरेंद्र जैन

Ram Mandir Donation |

नई दिल्ली। स्वदेश के साथ अपनी विशेष बात -चीत में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव ने विपक्ष से राम और राम भक्तों की आस्था पर राजनीति नहीं करने का कड़ा संदेश दिया है । स्वदेश के साथ अपनी बात - चीत में सुरेंद्र जैन ने अखिलेश यादव सहित सभी विपक्ष के  नेताओं से आग्रह की है कि वो जो भी आरोप लगा रहे है , उसे साक्ष्य और सबूतों के साथ एसआईटी के सामने पेश करें और एक पारदर्शी निष्पक्ष जांच में सहयोग करें । उन्होंने कहा है कि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले में यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि ट्रस्ट की मांग पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्ष और व्यापक जांच कर रहा है तथा विहिप और संत समाज जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने राम भक्तों से धैर्य बनाए रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी अफवाह या राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की।

सुरेंद्र जैन ने स्वदेश को बताया कि ट्रस्ट की बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चढ़ावे से जुड़े आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं । लेकिन विपक्ष को इस बात को गहराई से समझना चाहिए कि ये पहला ऐसा मामला है कि इस बार विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिलने के बाद ख़ुद  ट्रस्ट ने स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से एसआईटी जांच कराने का अनुरोध किया। सरकार ने जांच के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया है दूध का दूध और पानी का पानी साफ़ होन्हायेगा । सुरेंद्र जैन  का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि राम भक्तों के विश्वास और मंदिर की पवित्रता पर कोई आंच न आए।

विपक्ष के आरोपों पर विहिप का पलटवार

अपनी बात-  चीत में सुरेंद्र जैन ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर राम मंदिर के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों को विवादित बनाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे में हमने  एसआईटी को पत्र लिखकर मांग की है कि जिन नेताओं ने ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्हें जांच के दौरान बुलाकर अपने आरोपों के समर्थन में सबूत प्रस्तुत करने को कहा जाए। यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई पर विचार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। “राम किसी दल या व्यक्ति की संपत्ति नहीं हैं। 500 वर्षों के संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद बने इस मंदिर की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।”वीएचपी राम को लेकर अग्नि परीक्षा देता रहा है । इस बार भी विहिप के लिए अग्नि परीक्षा ही लेकिन विश्व हिंदू परिषद  इस 
में भी बेदाग जीत हासिल करेगा । राम भक्तों का इतने आरोपों के बाद भी अयोध्या में दर्शन के लिए टंटा कहा हुआ है । विपक्ष का ये आरोप हिंदू आस्था ओर कुठाराघात है । “ 

‘राम भक्त धैर्य रखें, सच सामने आएगा’

विहिप के सुरेंद्र जैन बी स्वदेश से  कहा कि संत समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अफवाह या अनावश्यक विवाद से बचा जाएगा। उन्होंने कहा कि “दान में दिए सभी सोने की वस्तु सुरक्षित ट्रस्ट के पास मंदिर में रखे हुए हैं । जिन जिन को भी अपनी दान दिए वस्तुओं को देखना है वो जाकर कर देख सकते है लेकिन चाँदी की वस्तुओं को भारत सरकार के नियमावली के अंतर्गत गाला कर जामा कर दिया है गया है । उन्होंने फिर दोहराया इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। हिंदू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।” इस मामले में एक निष्पक्ष न्याय के लिए वीएचपी भी कोर्ट जाने से भी गुरेज नहीं करेगी । 

कॉंग्रेस , अखिलेश यादव , संजय सिंह और उद्धव ठाकरे के “भाजपा मुक्त राम” अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र जैन ने इसे हताशा से उपजा राजनीतिक बयान बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं जांच की पहल कर पारदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने दावा किया कि हिंदू धार्मिक संस्थाएं आरोप लगने पर जांच कराने से पीछे नहीं हटतीं और यही परंपरा राम मंदिर ट्रस्ट ने भी निभाई है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में विश्व हिंदू परिषद के आग्रह ओर ही ट्रस्ट के लिए एक सीईओ की खोज शुरू हो गई है जो एक आईएएस रहेगा लेकिन ये पहले से ही स्पष्ट है कि वो काम ट्रस्ट के अधीन ही करेगा । सरकार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा । सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश ओर एक ट्रस्ट गठित कर दी है अब इस ट्रस्ट में किसी भी सरकार की कोई भूमिका नहीं है । 

बता दें सुरेन्द्र जैन बी बताया कि अभी धर्य का समय है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित जिम्मेदारी तय होने की दिशा स्पष्ट होगी। लेकिन फिलहाल विहिप और संत समाज ने एक स्वर में कहा है कि राम मंदिर की पवित्रता, पारदर्शिता और करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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