Breaking News
  • चांदी ₹9,658 गिरकर ₹2.36 लाख किलो पर आई: 10 दिन में ₹27 हजार की गिरावट; सोना ₹4,090 टूटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.48 लाख
  • पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की: 11 बच्चों समेत 13 की मौत, 14 महिलाएं घायल
  • हार्दिक पंड्या अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर, फिटनेस टेस्ट के दौरान चोट लगी
  • ईरान का बहरीन, कुवैत, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई
  • ममता बनर्जी की करीबी रहीं सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा सांसद से इस्तीफा दिया

होम > देश

उदयनिधि के बयान पर फिर बवाल

उदयनिधि स्टालिन के फिर सनातन धर्म पर जहरीला बयान दिया, विपक्ष ने करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान बताया

तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए बयान के बाद देशभर में विरोध तेज हो गया है। विपक्ष ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया है। अब DMK डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रही है।


उदयनिधि स्टालिन के फिर सनातन धर्म पर जहरीला बयान दिया विपक्ष ने करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान बताया

तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के जहरीले बयान ने फिर से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विधानसभा में बोलते हुए उदयनिधि ने कहा कि सनातन धर्म को खत्म किया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई है। यह पहला मौका नहीं है जब उदयनिधि ने सनातन के विरोध में बयान दिया हो। इससे पहले भी वह सनातन धर्म को लेकर अपनी टिप्पणियों की वजह से विवादों आ चुके हैं।  

विधानसभा में क्या बोले उदयनिधि?

DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने नई विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संबोधन के दौरान सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जो विचार समाज में भेदभाव बढ़ाते हैं, उन्हें समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि, उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई नेताओं ने इसे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में हिंदुत्व विरोध कर राजनीति लाभ लेने की कोशिश होती रही है। ऐसे में बार बार उदयनिधि का ऐसे बयान देना राजनीतिक फायदे के लिए हो सकता हो सही हो लेकिन इससे समाज और देश दोनों को बांटने की कोशिश के तोर पर देखा जाता रहा है।

2023 में भी दिया था बयान 

सितंबर 2023 में चेन्नई में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी उन्होंने तब कहा था कि सनातन का सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए। उस बयान के बाद देशभर में भारी विरोध हुआ था और कई राज्यों में उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।  

विपक्ष और समाजिक संगठनों ने साधा निशाना

उदयनिधि के बयान पर कई राजनीतिक दलों और समाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सनातन धर्म “अनादि, अनंत और शाश्वत” है, जिसे खत्म नहीं किया जा सकता। 

DMK कर रही डैमेज कंट्रोल की कोशिश

विवाद बढ़ने के बाद DMK के कई नेता सफाई देते नजर आए। पार्टी नेताओं का कहना है कि उदयनिधि के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। DMK का दावा है कि उसकी राजनीति सामाजिक समानता और द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा पर आधारित रही है।  

Related to this topic: