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TMC vs Election Commission Clash Ahead of Bengal P

बंगाल चुनाव से पहले TMC और चुनाव आयोग में बड़ा विवाद, बैठक के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ा। डेरेक ओ’ब्रायन और सीईसी ज्ञानेश कुमार के बीच बैठक को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप सामने आए।


बंगाल चुनाव से पहले tmc और चुनाव आयोग में बड़ा विवाद बैठक के बाद आरोप-प्रत्यारोप तेज

Politics News |

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। दिल्ली में हुई एक बैठक के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिल्ली में 7 मिनट की बैठक और विवाद

दिल्ली में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बुधवार को महज सात मिनट की बैठक हुई। टीएमसी की ओर से राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया कि बैठक बेहद तनावपूर्ण रही। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का रवैया आपत्तिजनक था।

टीएमसी का आरोप है कि जब उन्होंने बंगाल के अधिकारियों के तबादलों और कथित राजनीतिक संबंधों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, तो सीईसी ने कथित तौर पर 'दफा हो जाओ' कहा।

टीएमसी के आरोप

टीएमसी का कहना है कि बैठक सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे समाप्त हो गई। पार्टी का आरोप है कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने बातचीत में कोई भाग नहीं लिया और पूरी प्रक्रिया एकतरफा रही। टीएमसी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग की सफाई

चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने ऊंची आवाज में बात की और आयोग के सदस्यों को बोलने का मौका नहीं दिया गया। सूत्रों ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने केवल शांति बनाए रखने और मर्यादा का पालन करने की अपील की थी।

बंगाल चुनाव को लेकर बढ़ता तनाव

चुनाव की घोषणा के बाद आयोग ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए थे, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एकतरफा कदम बताया था। वहीं विपक्ष और टीएमसी लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

आयोग का सख्त रुख

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराए जाएंगे। आयोग ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और केंद्रीय बलों की तैनाती सख्ती से की जाएगी।

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