Breaking News
  • MP के हजारों कर्मचारियों का DA 5% बढ़ा: एरियर 6 किस्तों में मिलेगा, रिटायर्ड कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान
  • लखनऊ में 250 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, 30 सिलेंडर फटे: युवक बोला- मेरे 4 बच्चे जिंदा जल गए
  • राजस्थान-MP समेत 8 राज्यों में लू, वर्धा में गर्मी के कारण आज स्कूल बंद
  • प्रयागराज में दर्दनाक ट्रेन हादसा, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत
  • लेबनान शांति वार्ता के बीच हिज्बुल्लाह पर इजरायली सेना के हमले जारी
  • संसद का तीन दिवसीय स्पेशल सेशन आज से शुरू

होम > देश

TCS Nashik Case: Conversion Allegations Exposed

नासिक TCS : कॉरपोरेट की आड़ में 'कन्वर्जन का खेल'... 4 महिला पुलिसकर्मियों ने किया TCS कांड का पर्दाफाश?

नासिक TCS BPO मामले में कन्वर्जन और उत्पीड़न के आरोप सामने आए। चार महिला पुलिस कर्मियों ने गुप्त ऑपरेशन चलाकर सबूत जुटाए। अब तक 9 FIR दर्ज, 7 गिरफ्तार जांच जारी है।


नासिक tcs  कॉरपोरेट की आड़ में कन्वर्जन का खेल 4 महिला पुलिसकर्मियों ने किया tcs कांड का पर्दाफाश

महाराष्ट्र के नासिक में एक बहुचर्चित कॉरपोरेट विवाद सामने आया है, जिसमें एक निजी कंपनी के दफ्तर में कथित तौर पर कन्वर्जन और उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। यह मामला न केवल कॉरपोरेट वातावरण की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सामाजिक और कानूनी दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

सीधे कार्रवाई के बजाय गुप्त जांच

 जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) के एक BPO कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस को इस मामले की शुरुआती जानकारी फरवरी में मिली, जब एक महिला कर्मचारी के व्यवहार को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। इसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीधे कार्रवाई के बजाय गुप्त जांच का निर्णय लिया गया।

पुलिस ने चार महिला कर्मियों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में दफ्तर में भेजा। करीब 15 दिनों तक चली इस अंडरकवर जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ टीम लीडर्स पर महिला कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाने और अनुचित व्यवहार कर रहे हैं।

विदेशी संपर्कों का भी उपयोग किया

जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों को कथित रूप से कन्वर्जन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इसके लिए विदेशी संपर्कों का भी उपयोग किया गया। पुलिस के अनुसार, वीडियो कॉल के जरिए एक विदेशी व्यक्ति को जोड़ा जाता था, जो कर्मचारियों से बातचीत करता था। पीड़ित महिलाओं ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद कंपनी के आंतरिक तंत्र में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों जैसे व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड्स को इकट्ठा किया, जो जांच का अहम आधार बने।

अब तक इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। वहीं, एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो फंडिंग, नेटवर्क और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस प्रकार के मामलों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाती है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

Related to this topic: