पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी को BJP विधायक दल का नेता चुना गया है। अमित शाह ने ममता सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में अपराधी ही राजनेता बन गए थे।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव अब औपचारिक रूप ले चुका है। भाजपा विधायक दल ने सुवेंदु अधिकारी को अपना नेता चुन लिया है और इसी के साथ उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। कोलकाता में हुई बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया।
सुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे। भाजपा इसे सिर्फ सरकार गठन नहीं, बल्कि बंगाल में वैचारिक जीत के तौर पर पेश कर रही है। बैठक के दौरान अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता शासन में अपराधी ही राजनेता बन गए थे और इसी वजह से विकास रुक गया था।
शाह बोले- गंगोत्री से गंगासागर तक BJP की सरकार
अमित शाह ने अपने संबोधन में भाजपा की जीत को वैचारिक यात्रा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 1950 से श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिस विचारधारा के साथ निकले थे, आज उसी विचार की सरकार बंगाल में बनी है। शाह ने कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार” बनने का सपना अब पूरा हो गया है। उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं के दशकों लंबे संघर्ष की जीत बताया।
उनके भाषण में बार-बार बंगाल को भाजपा के राष्ट्रीय विस्तार का सबसे अहम पड़ाव बताया गया। पार्टी अब इस जीत को पूर्वी भारत की राजनीति में निर्णायक मोड़ के तौर पर देख रही है।
ममता को हराने वाले नेता पर भाजपा का भरोसा
56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी पिछले कुछ वर्षों में बंगाल भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने भवानीपुर सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। इससे पहले 2021 में नंदीग्राम में भी उन्होंने ममता को चुनावी शिकस्त दी थी। लगातार दूसरी बार नंदीग्राम से जीत दर्ज करने वाले सुवेंदु को भाजपा संगठन और केंद्रीय नेतृत्व दोनों का मजबूत समर्थन मिला। पार्टी मानती है कि बंगाल में उसकी जमीनी पकड़ मजबूत करने में सुवेंदु की बड़ी भूमिका रही। नई सरकार में उनके पास गृह विभाग और पुलिस की जिम्मेदारी भी रहने की चर्चा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कानून-व्यवस्था भाजपा सरकार की पहली प्राथमिकताओं में होगी।
3 से 207 सीट तक पहुंचने का ऐतिहासिक सफर
अमित शाह ने अपने भाषण में भाजपा के राजनीतिक विस्तार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने बंगाल में 3 सीटों से शुरुआत की थी और अब 207 सीटों तक पहुंच गई है। शाह के मुताबिक भाजपा उम्मीदवारों की जीत का औसत अंतर करीब 28 हजार वोट रहा। उन्होंने दावा किया कि 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल सकी। भाजपा इस जनादेश को सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक संस्कृति में बदलाव का संकेत बता रही है।
घुसपैठ पर शाह का बड़ा बयान
शाह ने अपने संबोधन में घुसपैठ का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल ही नहीं, पूरे देश से घुसपैठियों को “चुन-चुनकर बाहर निकालेगी।” उन्होंने इसे ध्रुवीकरण नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सीमा सुरक्षा और नागरिकता से जुड़े मुद्दे बंगाल की राजनीति में फिर केंद्र में आ सकते हैं।
भाजपा लंबे समय से बंगाल में अवैध घुसपैठ को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाती रही है और अब सत्ता में आने के बाद इस एजेंडे को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा सकती है।
शपथ ग्रहण को शक्ति प्रदर्शन बनाने की तैयारी
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह भाजपा के लिए बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदलने जा रहा है। पार्टी देशभर के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के जरिए राष्ट्रीय संदेश देना चाहती है। भाजपा नेतृत्व इस जीत को बंगाल में संगठन की सबसे बड़ी उपलब्धि मान रहा है। वहीं, दूसरी तरफ TMC के लिए यह हार राज्य की राजनीति में सबसे बड़ा झटका मानी जा रही है।
बंगाल की सत्ता में यह बदलाव सिर्फ सरकार बदलने तक सीमित नहीं दिख रहा। आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक दिशा और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।