बिहार में नई सरकार गठन की हलचल तेज, शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया। नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें भी तेज।
नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट तेज हो गई है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल बढ़ती जा रही है। राजनीतिक गतिविधियां पटना से लेकर दिल्ली तक तेज हैं। साथ ही संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता अब नए हाथों में जा सकती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बीच अहम कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वे पटना पहुंचकर विधायक दल की बैठक में नेता के चयन की प्रक्रिया पूरी कराएंगे।
नीतीश कुमार के इस्तीफे की अटकलें तेज
सूत्रों के मुताबिक, 14 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक मौजूदा सरकार की आखिरी बैठक हो सकती है। इसके बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar राजभवन जाकर अपना इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को पटना में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।
सीएम आवास से सामान शिफ्ट
सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच नीतीश कुमार के आवास से भी संकेत मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार, 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास से उनका निजी सामान 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। यह वही आवास है, जहां वे 2014 में इस्तीफा देने के बाद रहने गए थ। जब उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपा था।
भाजपा के हाथ में मुख्यमंत्री का फैसला
बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी के बयान से भी साफ संकेत मिले हैं कि मुख्यमंत्री पद का फैसला अब भाजपा नेतृत्व के हाथ में है। एनडीए विधायक दल की बैठक में भाजपा द्वारा प्रस्तावित नाम पर ही अंतिम मुहर लगेगी।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
सत्ता परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राजनीतिक गलियारों में कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन भाजपा ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल, बिहार की सियासत अगले 48 घंटों में निर्णायक मोड़ लेने की ओर बढ़ रही है। नई सरकार के गठन और नेतृत्व को लेकर स्थिति जल्द ही साफ होने की संभावना है।