पुणे में मासूम बच्ची से रेप और हत्या के बाद गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। मुंबई-बेंगलुरु हाईवे जाम हुआ, लोगों ने आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग तेज कर दी।
पुणे में चार साल की बच्ची के साथ हुई क्रूर वारदात ने लोगों को अंदर तक हिला दिया। मामला सामने आते ही गुस्सा सिर्फ सोशल मीडिया तक नहीं रहा, सीधे सड़क पर उतर आया। शनिवार शाम नवाले ब्रिज इलाके में सैकड़ों लोग जमा हुए। परिवार और स्थानीय लोगों ने पीड़िता का शव हाईवे पर रखकर विरोध दर्ज कराया।
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर इस प्रदर्शन का असर तुरंत दिखा। लंबा ट्रैफिक जाम लगा और आम लोगों की आवाजाही घंटों तक प्रभावित रही।
सड़क पर उतरा गुस्सा
प्रदर्शनकारियों ने हाईवे रोककर प्रशासन को सीधा संदेश दिया। उनका कहना था कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। घटना के वीडियो सामने आए जिनमें गाड़ियों की लंबी कतारें साफ दिखीं। यह जाम सिर्फ ट्रैफिक नहीं, बल्कि जनता के गुस्से का प्रतीक बन गया।
आरोपी ने कैसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि 65 वर्षीय आरोपी मजदूर है और पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उसे मवेशियों के बाड़े में ले गया। वहीं, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इस खुलासे ने इलाके में डर और आक्रोश दोनों को बढ़ा दिया।
सीसीटीवी से मिला सुराग
बच्ची के लापता होने के बाद परिवार ने तलाश शुरू की। इसी दौरान एक घर के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी बच्ची के साथ नजर आया।
यही फुटेज केस में टर्निंग पॉइंट बना। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। उसे 7 मई तक पुलिस हिरासत में रखा गया है।
सरकार का जल्दी न्याय का भरोसा
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने घटना को मानवता पर कलंक बताया और भरोसा दिलाया कि न्याय में देरी नहीं होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत कर फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग उठाई गई है। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुलिस को मजबूत केस तैयार करने और अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इन कदमों से साफ है कि मामला अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।