पीएम मोदी ने मन की बात में वैश्विक युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल संकट पर चिंता जताई। लोगों से अफवाहों से बचने और सरकारी जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में वैश्विक हालात पर विस्तार से चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध और संघर्षों का असर अब साफ तौर पर ऊर्जा बाजार पर दिखाई दे रहा है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कई देशों में संकट की स्थिति बन रही है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार इस चुनौती को गंभीरता से ले रही है और स्थिति से निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है, ताकि देशवासियों पर इसका असर कम से कम पड़े।
ऊर्जा संकट पर बोले पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में इस समय संघर्ष चल रहा है, वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में वहां की अस्थिरता का सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें विविध स्रोतों से आयात, भंडारण क्षमता बढ़ाना और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देना शामिल है। इसी का परिणाम है कि मौजूदा संकट के बावजूद भारत अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है और हालात को नियंत्रित करने में सक्षम है।
अफवाहों से बचने की अपील
पीएम मोदी ने लोगों से खास तौर पर अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि संकट के समय कुछ असामाजिक तत्व गलत जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। इससे अनावश्यक घबराहट पैदा होती है और बाजार पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे केवल सरकार या अधिकृत एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
वैश्विक अस्थिरता पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी अस्थिर रहा है। कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बढ़ते संघर्षों ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि इन हालातों का असर सिर्फ युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और आम लोगों के जीवन पर भी पड़ता है।
खाड़ी देशों में भारतीयों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों का आभार व्यक्त करते हुए वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक भारतीय काम कर रहे हैं और वहां की सरकारें उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रही हैं। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय की अहम भूमिका होती है, जो वैश्विक संकट को संभालने में मदद करता है।
अन्य मुद्दों पर भी की चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अन्य सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने जल संरक्षण को लेकर चल रहे अभियानों को आगे बढ़ाने की अपील की और देश के मछुआरों के योगदान को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग का योगदान देश की प्रगति में महत्वपूर्ण है।