Breaking News
  • मथुरा में गौ रक्षक की मौत पर बवाल, लाठीचार्ज: पुलिस पर पथराव, कई घायल
  • झांसी में आकाशीय बिजली गिरने से बारुद फैक्ट्री में विस्फोट: एक की मौत, 10Km दूर तक सुनाई दिया धमाका
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जयपुर में नामी उद्योगपतियों के साथ एमपी में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे
  • बंगाल-ओडिशा में आज आंधी-बारिश, MP-राजस्थान में ओले गिरे; यूपी-बिहार में बिजली गिरने से 7 मौतें

होम > देश

PM Modi Talks to Iran President on Shipping Safety

PM मोदी-ईरान राष्ट्रपति वार्ता: सुरक्षित शिपिंग लेन पर जोर, मिडिल ईस्ट में शांति की अपील

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात कर सुरक्षित शिपिंग लेन पर जोर दिया। पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई, भारतीयों की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई।


pm मोदी-ईरान राष्ट्रपति वार्ता सुरक्षित शिपिंग लेन पर जोर मिडिल ईस्ट में शांति की अपील

नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मसूद पेशेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ईद और नौरोज के अवसर पर ईरानी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह समय क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाएगा। बातचीत के दौरान उन्होंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि इससे न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर पड़ता है।

सुरक्षित शिपिंग लेन पर जोर

पीएम मोदी ने विशेष रूप से समुद्री मार्गों की सुरक्षा और खुलेपन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए शिपिंग लेन का सुरक्षित और खुला रहना बेहद जरूरी है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों का जिक्र करते हुए उन्होंने नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने की आवश्यकता दोहराई। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम हिस्सा माना जाता है।

भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान सरकार के सहयोग की सराहना भी की। यह 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बातचीत है। इससे पहले भी क्षेत्रीय हालात को लेकर संवाद हुआ था।

कूटनीति से समाधान पर जोर

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही होना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की यह सक्रिय कूटनीति वैश्विक तनाव के बीच संतुलन बनाने और अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

 

Related to this topic: