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LPG Cylinder 10kg Plan India amid Gas Shortage

LPG संकट से निपटने की तैयारी, 14 किलो की जगह 10 किलो गैस देने पर विचार

LPG संकट के बीच 14.2 किलो सिलेंडर में 10 किलो गैस देने की तैयारी। जानें कीमतों में बदलाव और सप्लाई पर असर की पूरी जानकारी।


lpg संकट से निपटने की तैयारी 14 किलो की जगह 10 किलो गैस देने पर विचार

Gas Cylinder from 14kg to 10 kg |

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंचता दिख रहा है। सरकारी तेल कंपनियां यानी ऑइल मार्केटिंग कंपनी घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक 14.2 किलो वाले सिलेंडर में अब सिर्फ 10 किलो गैस भरकर देने का प्लान बनाया जा रहा है। ताकि सीमित स्टॉक को ज्यादा घरों तक पहुंचाया जा सके। यह कदम अस्थायी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला

दरअसल, मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और सप्लाई बाधित होने के कारण भारत में LPG की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने से गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रूट से मंगाता है, ऐसे में हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

तेल कंपनियों का मानना है कि 10 किलो गैस भी एक परिवार के लिए करीब एक महीने तक पर्याप्त हो सकती है। इससे बची हुई गैस दूसरे उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा सकेगी।

कीमतें भी घट सकती हैं

अगर यह योजना लागू होती है, तो ग्राहकों को थोड़ी राहत कीमत में भी मिल सकती है। अभी दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर करीब ₹913, मुंबई में करीब ₹912.50 मिल रहा है। वहीं, 10 किलो गैस मिलने पर कीमत उसी अनुपात में कम की जाएगी। साथ ही, इन सिलेंडरों की पहचान के लिए अलग स्टिकर भी लगाया जाएगा, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।

लागू करना आसान नहीं

हालांकि इस बदलाव को लागू करना इतना आसान भी नहीं है। बॉटलिंग प्लांट्स को अपने सिस्टम को फिर से कैलिब्रेट करना होगा। इसके अलावा कई सरकारी मंजूरियां भी जरूरी होंगी। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अचानक बदलाव से लोगों में भ्रम या नाराजगी भी पैदा हो सकती है। खासकर जब कुछ राज्यों में चुनाव नजदीक हैं।

सप्लाई की हालत क्यों बिगड़ी?

सप्लाई संकट के पीछे दो बड़ी वजहें सामने आई हैं: पहली वजह है कतर का रास लफ्फान प्लांट प्रभावित होना। दरअसल, रास लफान इंडस्ट्रीयल सिटी जो दुनिया का बड़ा एलएनजी हब है, हमलों के बाद प्रभावित हुआ है। इससे वैश्विक गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। वहीं, दूसरी वजह होर्मुज रूट पर संकट है। क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का करीब 20% पेट्रोलियम गुजरता है। इसके असुरक्षित होने से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।

पहले ही उठाए जा चुके हैं सख्त कदम

सरकार ने पिछले कुछ दिनों में LPG खपत को नियंत्रित करने के लिए कई फैसले लिए हैं: इसमें सिलेंडर बुकिंग पर 21 से 45 दिन का लॉक-इन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग नियम, पीएनजी यूजर्स के लिए LPG सिलेंडर रखने पर रोक लगाने जैसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

आगे क्या होगा?

फिलहाल यह योजना अभी विचार के स्तर पर है, लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो इसे जल्द लागू किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो लोगों को थोड़ी असुविधा जरूर होगी। लेकिन सरकार और कंपनियों के लिए यह जरूरी कदम माना जा रहा है, ताकि हर घर तक गैस की सप्लाई बनी रहे।

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