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NMC New Rules: MBBS Seats to Increase

मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत, NMC ने बदले नियम; देशभर में बढ़ेंगी MBBS सीटें

केंद्र सरकार और NMC के नए नियमों से देशभर में MBBS सीटें बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। मेडिकल कॉलेज अब 150 सीटों की पुरानी सीमा से मुक्त होंगे।


मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत nmc ने बदले नियम देशभर में बढ़ेंगी mbbs सीटें

देशभर के मेडिकल छात्रों और मेडिकल कॉलेजों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन 2023 में अहम बदलाव करते हुए MBBS सीटें बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया है। नए नियम लागू होने के बाद मेडिकल कॉलेजों का विस्तार आसान होगा और नई संस्थाएं खोलने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।

केंद्र सरकार के इस फैसले को मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि अब मेडिकल कॉलेजों पर लागू कई पुरानी सीमाएं हटा दी गई हैं।

150 सीटों की पुरानी सीमा खत्म

अब तक किसी भी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीटें बढ़ाने की अधिकतम सीमा 150 सीटों तक तय थी। चाहे कॉलेज के पास आधुनिक भवन, बड़ा अस्पताल और पर्याप्त स्टाफ क्यों न हो, वह 150 से ज्यादा सीटों के लिए आवेदन नहीं कर सकता था।NMC के नए संशोधन के बाद यह सीमा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों वाले मेडिकल कॉलेज अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा सीटों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नए मेडिकल कॉलेज खोलना होगा आसान

नियमों में बदलाव के बाद नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में आसान मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य देश के अलग-अलग राज्यों में मेडिकल शिक्षा का विस्तार करना है ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ सके।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मेडिकल शिक्षा में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे।

छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?

देश में हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा देते हैं, लेकिन सीमित MBBS सीटों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाता। सीटें बढ़ने से अब ज्यादा छात्रों को सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का मौका मिल सकता है।इस फैसले से विदेश जाकर मेडिकल पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी

भारत में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात को सुधारने के लिए केंद्र सरकार लगातार मेडिकल शिक्षा पर फोकस कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और अब सीटों की सीमा हटने के बाद विस्तार की रफ्तार और तेज हो सकती है।स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में यह फैसला देश की हेल्थकेयर व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

 

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