NEET पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिवाल के कथित राजनीतिक संबंधों पर BJP और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
NEET पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए नाम और नए विवाद सामने आ रहे हैं। अब इस केस में जयपुर ग्रामीण के जमवा रामगढ़ निवासी दिनेश बिवाल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। सीबीआई की जांच में सामने आए नामों में दिनेश बिवाल भी शामिल है। मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
सोशल मीडिया प्रोफाइल से बढ़ा विवाद
दिनेश बिवाल को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर उनकी कई तस्वीरें और पोस्ट वायरल होने लगीं। कुछ पोस्टरों और ऑनलाइन प्रोफाइल में उन्होंने खुद को बीजेपी जयपुर ग्रामीण का पूर्व जिला मंत्री बताया है। यहीं से राजनीतिक बहस ने जोर पकड़ लिया। विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर आरोपी के राजनीतिक संपर्क किस स्तर तक थे।
बीजेपी नेताओं ने बनाई दूरी
बीजेपी के कई नेताओं ने बिवाल से किसी भी तरह के संगठनात्मक संबंध होने से इनकार किया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गौरा ने कहा कि उनके कार्यकाल में जयपुर ग्रामीण में ऐसी कोई नियुक्ति नहीं हुई।
वहीं, पूर्व जिला अध्यक्षों ने भी दावा किया कि बिवाल को आधिकारिक बैठकों या संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल नहीं किया गया। हालांकि, कुछ नेताओं ने यह जरूर माना कि बिवाल पहले की टीमों में किसी स्तर पर जुड़ा हुआ था। इसी बयान के बाद सियासी बहस और तेज हो गई।
नेताओं के साथ तस्वीरों पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में दिनेश बिवाल कई बीजेपी नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। इनमें कुछ मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस मामले में जब नेताओं से सवाल पूछे गए तो कई लोगों ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हजारों लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं और सिर्फ फोटो होने से किसी के करीबी संबंध साबित नहीं होते।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ तस्वीरों को सामान्य मुलाकात बताकर मामला खत्म नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने मांग की है कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो और जिन लोगों के राजनीतिक संबंध सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका भी स्पष्ट की जाए।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के आरोपों के जवाब में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि दिनेश बिवाल कभी पार्टी का आधिकारिक कार्यकर्ता नहीं रहा। उन्होंने विपक्ष पर बिना तथ्यों के राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे उनका किसी से भी संबंध क्यों न हो।
जांच के साथ बढ़ रही राजनीतिक गर्मी
NEET पेपर लीक मामला अब सिर्फ परीक्षा घोटाले तक सीमित नहीं रह गया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके राजनीतिक पहलू भी सामने आने लगे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासत और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।