नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया है। भोपाल समेत कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं। जानिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का कितना असर पड़ा और क्या सरकारी कंपनियां भी ज
देशभर में ईंधन की कीमतों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। प्राइवेट फ्यूल रिटेलर नायरा एनर्जी ने पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती लागू कर दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं, जिससे कई शहरों में ग्राहकों को सीधा फायदा मिलने लगा है।
भोपाल में इस बदलाव के बाद नायरा के पेट्रोल की कीमत 125 रुपये से घटकर 119.79 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 106 रुपये से घटकर 102.57 रुपये प्रति लीटर हो गया है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना अलग होने के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
नायरा ने क्यों घटाए दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट मानी जा रही है। हाल के दिनों में क्रूड ऑयल करीब 73 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है। इससे पहले अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के दौरान इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। वैश्विक तनाव कम होने के बाद कच्चा तेल सस्ता हुआ और इसका असर अब घरेलू बाजार में भी दिखाई देने लगा है।
भोपाल समेत कई शहरों में नई दरें लागू
नायरा एनर्जी ने अपनी नई कीमतें देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू कर दी हैं। कंपनी के भारत में 7,000 से अधिक फ्यूल स्टेशन हैं और फ्यूल रिटेल बाजार में उसकी लगभग 7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। स्थानीय वैट और अन्य टैक्स के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में खुदरा कीमतों में थोड़ा अंतर रह सकता है।
सरकारी कंपनियों ने अभी नहीं दी राहत
नायरा की कटौती के बावजूद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के एक लाख से अधिक पेट्रोल पंपों में 90 प्रतिशत से ज्यादा नेटवर्क इन तीनों सरकारी कंपनियों के पास है। इसलिए इनके फैसले का असर सबसे बड़े उपभोक्ता वर्ग पर पड़ता है।
मई में बढ़े थे ईंधन के दाम
सरकारी तेल कंपनियों ने मई में अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे क्रूड ऑयल का हवाला देते हुए चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम कुल ₹7.50 प्रति लीटर तक बढ़ाए थे। अब कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने के बाद बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या सरकारी कंपनियां भी उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों में कटौती करेंगी।
नायरा एनर्जी का बढ़ता कारोबार
नायरा एनर्जी देश की प्रमुख निजी तेल कंपनियों में शामिल है, जिसमें रूस की रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी है। कंपनी गुजरात के वाडिनार में देश की दूसरी सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी संचालित करती है, जिसकी हिस्सेदारी भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता में लगभग 8 प्रतिशत है। फ्यूल रिटेल कारोबार के साथ कंपनी पेट्रोकेमिकल्स, बायोफ्यूल और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का भी विस्तार कर रही है। 1,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर सोलर पावर सिस्टम लगाए जा चुके हैं और इथेनॉल उत्पादन से जुड़े प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा रहे हैं।