मध्यप्रदेश समेत मध्य भारत में 19 मई तक भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाएं, बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी दी है।
अलनीनो की डरावनी चेतावनी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने सकारात्मक खबर दी है कि 16 मई के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं।
आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 13 मई को बना निम्न दबाव क्षेत्र स्पष्ट रूप में दिखाई देने लगा है। इधर, देश में कई मौसमी दशाएं प्रभावी हैं। इनमें चक्रवातीय परिसंचरण खास हैं। एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से लेकर मणिपुर तक निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक पूर्व-पश्चिम गर्त फैला हुआ है। इसके अलावा उत्तर-दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इन सबके परिणामस्वरूप आंधी-पानी, लू और तापमान बढ़ने के आसार हैं।
अगले सप्ताह बढ़ेगा तापमान
मौसम विज्ञान विभाग की जानकारी के अनुसार उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत में अगले एक सप्ताह तक कुछ जगहों पर लू का असर देखा जा सकता है। 17 मई तक मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मध्यम स्तर की बारिश, आंधी-पानी और वज्रपात की आशंका है। इस दौरान यहां अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक इजाफा होने के आसार हैं। साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मप्र के लिए मौसमी चेतावनियां इस प्रकार
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रतलाम में सबसे भीषण लू चलने के आसार।
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धार, इंदौर और रतलाम में रात में भी लू जैसी परिस्थितियां बनेंगी।
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राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, देवास, शाजापुर और आगर में लू चलने के आसार हैं।
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बेतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी, साथ ही यहां वज्रपात की भी आशंका है।
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बेतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है।