सरकार ने साफ किया है कि गैस टंकी बुकिंग के नियम नहीं बदले है। सोशल मीडिया और अन्य सोर्स में 35 दिन बाद बुकिंग की खबरें गलत है। बुकिंग पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
नई दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग को लेकर फैल रही खबरों पर सरकार ने साफ-साफ स्थिति रख दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि गैस बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बुकिंग के लिए 35 दिन या 45 दिन से जुड़े कई दावे गलत हैं।
35 दिन वाली खबरें अफवाह, पुराने नियम ही लागू
मंत्रालय के मुताबिक, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं को 45 दिन और अन्य उपभोक्ताओं को 35 दिन बाद ही सिलेंडर बुक करने की अनुमति होगी।सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे। शहरों में एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद 25 दिन में बुकिंग होगी। वहीं, मीण इलाकों में 45 दिन के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकता है।
कॉमर्शियल LPG की सप्लाई बढ़ाई गई
सरकार ने यह भी बताया कि 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की मांग ज्यादा है। इसलिए इसके कोटे में बढ़ोतरी की गई है। 22 मार्च को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल LPG कोटे में 20% अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इसके बाद कुल आवंटन बढ़कर 50% हो गया है। हालांकि डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इसका असर जमीन पर दिखने में 2–3 दिन लग सकते हैं।
पैनिक बुकिंग पर सरकार की अपील
प्रेस ब्रीफिंग में जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण पैनिक बुकिंग देखने को मिली। सरकार और ऑयल कंपनियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से बुकिंग करें।
LPG को लेकर अब तक उठाए गए कदम
सरकार के मुताबिक हाल के दिनों में डिमांड बढ़ने के चलते कुछ फैसले लिए गए हैं। इनमें-
6 मार्च: घरेलू सिलेंडर बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू
9 मार्च: शहरों में इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया
12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग गैप 45 दिन किया गया
14 मार्च: PNG कनेक्शन वालों के लिए LPG रखना गैर-कानूनी घोषित
हॉर्मुज रूट पर टैक्स की खबर भी गलत
सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर को भी खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि भारत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए कोई टैक्स या ‘वॉर मनी’ दे रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। यहां नेविगेशन पूरी तरह फ्री है और किसी भी देश द्वारा शुल्क नहीं लगाया जा सकता है।