केतन अग्रवाल हत्याकांड में कैब ड्राइवर के बयान से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। सिया और साहिल के बीच बहस, पासपोर्ट गायब होने और 12 घंटे की पूछताछ ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब कैब ड्राइवर के बयान और परिवार से लंबी पूछताछ ने मामले को और जटिल बना दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देखते हुए हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है ताकि उस दिन की पूरी तस्वीर साफ हो सके।
पुणे से मुंबई एयरपोर्ट तक की यात्रा के दौरान हुई घटनाओं ने जांच को नई दिशा दी है। वहीं दूसरी तरफ सिया गोयल के परिवार से करीब 12 घंटे चली पूछताछ में कई अहम सवालों पर जवाब मांगे गए हैं, जो अब जांच का हिस्सा बन चुके हैं।
कैब सफर में बढ़ा तनाव और विवाद
कैब ड्राइवर के अनुसार यात्रा की शुरुआत से ही माहौल सामान्य नहीं था। सिया गोयल और उनके भाई साहिल के बीच रास्ते भर बहस होती रही। शुरुआती पिकअप से लेकर रावेत तक कई बार स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, हालांकि विवाद की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। ड्राइवर का दावा है कि फूड मॉल के पास सिया ने गाड़ी रुकवाई और कुछ देर बाद डिक्की खुलवाकर अपना पर्स निकाला। इसके बाद यात्रा फिर आगे बढ़ी, लेकिन पूरे सफर में तनाव बना रहा, जिसे पुलिस अब गंभीर कड़ी के रूप में देख रही है।
पासपोर्ट गायब होने की घटना ने बढ़ाया रहस्य
मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एक छोटा बैग छूटने की बात सामने आई, जिसे वापस लाया गया। इसके कुछ ही मिनट बाद केतन अग्रवाल का पासपोर्ट गाड़ी में होने का दावा किया गया, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया। इसके बाद कैब की दोबारा तलाशी ली गई और वीडियो कॉल पर भी जांच की गई, लेकिन पासपोर्ट नहीं मिला। इस घटना ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
परिवार से लंबी पूछताछ में सामने आए सवाल
लोणावला ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल के पिता, मां और भाई साहिल से अलग-अलग पूछताछ की। यह पूछताछ लगभग 12 घंटे तक चली, जिसमें रिश्तों, संपर्कों और घटनाओं को लेकर कई सवाल किए गए। परिवार ने कई सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें सिया और चेतन के बीच किसी संबंध की जानकारी नहीं थी और न ही किसी दबाव या विवाद की बात सामने आई थी। पुलिस इन बयानों को अन्य साक्ष्यों से जोड़कर देख रही है।
जांच में हर कड़ी जोड़ने की कोशिश
पुलिस अब कैब ड्राइवर के बयान, परिवार के जवाब और तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम को समझने में जुटी है। पासपोर्ट गायब होने, रास्ते के विवाद और रिश्तों की कड़ियों को जोड़कर ही इस मामले की असली दिशा तय होने की उम्मीद है।