कपिल सिब्बल के 'भारत में रहने पर शर्म आती है' बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। BJP ने इसे देश और लोकतंत्र का अपमान बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे देश में रहते हुए शर्म महसूस करते हैं जहां सत्ता में बैठी पार्टी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने के लिए हर तरीका अपनाती है। यह बयान तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की पृष्ठभूमि में आया था। सिब्बल की टिप्पणी सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे मुद्दा बनाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
BJP ने बयान को बताया देश का अपमान
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कपिल सिब्बल पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस देश की न्याय व्यवस्था में वकालत कर कोई व्यक्ति पहचान और सम्मान हासिल करता है, उसी देश को लेकर शर्म महसूस करने की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश और लोकतंत्र को कठघरे में खड़ा करना अलग बात है। उनके मुताबिक इस तरह के बयान करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को आहत करते हैं।
बंगाल हिंसा पर भी उठाए सवाल
BJP ने सिब्बल की टिप्पणी को पश्चिम बंगाल की पुरानी घटनाओं से भी जोड़ा। पार्टी ने सवाल किया कि 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा पर उन्होंने उसी तरह की प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। पूनावाला ने दावा किया कि उस दौरान कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जान गई थी, लेकिन तब सिब्बल की ओर से कोई सार्वजनिक नाराजगी नहीं दिखाई गई। इसी क्रम में संदेशखाली और आरजी कर अस्पताल से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया गया।
अभिषेक बनर्जी हमले पर बढ़ी राजनीतिक बहस
BJP ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हमला गंभीर मामला है और इसकी निंदा होनी चाहिए। हालांकि पार्टी ने दावा किया कि इस मामले में जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनमें कुछ के संबंध सत्तारूढ़ दल से भी बताए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, विपक्षी दल इस मामले को राजनीतिक हिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं।
राहुल गांधी का भी किया जिक्र
शहजाद पूनावाला ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता लगातार भारतीय लोकतंत्र और संस्थाओं को लेकर नकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं। BJP का कहना है कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने विपक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाए।
बयान को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव
कपिल सिब्बल की टिप्पणी ने एक बार फिर लोकतंत्र, राजनीतिक आलोचना और अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ विपक्ष इसे सरकार की आलोचना के अधिकार से जोड़ रहा है, तो दूसरी तरफ BJP इसे देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ टिप्पणी बता रही है।