मोदी कैबिनेट ने कानपुर से कबरई के बीच 242 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से बुंदेलखंड में यात्रा का समय घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद
बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी और विकास को नई दिशा देने वाला बड़ा फैसला केंद्र सरकार ने लिया है। मोदी कैबिनेट ने कानपुर से कबरई के बीच फोरलेन हाईवे निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के बाद पूरे इलाके में यात्रा समय और आर्थिक गतिविधियों दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
यह हाईवे न सिर्फ कानपुर और कबरई को तेज रफ्तार से जोड़ेगा, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र के औद्योगिक और लॉजिस्टिक ढांचे को भी मजबूत करेगा। फिलहाल जहां इस दूरी को तय करने में साढ़े तीन घंटे लगते हैं, वहीं नया फोरलेन बनने के बाद यह सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा हो सकेगा।
यात्रा समय में बड़ी कटौती और आधुनिक डिजाइन
करीब 242 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। इसमें वाहनों के लिए 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार संभव होगी। इस प्रोजेक्ट का कुल बजट 7,145 करोड़ रुपये रखा गया है और इसे अगले ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह सड़क ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ मॉडल पर विकसित की जाएगी और इसे भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बुंदेलखंड के तीन जिलों को सीधा फायदा
यह हाईवे उत्तर प्रदेश के कानपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा। खासतौर पर महोबा जिले को इससे सीधा लाभ मिलेगा, जिसे सरकार ने आकांक्षी जिला घोषित किया है। घाटमपुर, हमीरपुर और कबरई जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय व्यापार और आवागमन में आसानी आएगी।
कबरई क्षेत्र के निर्माण उद्योग को नई गति
कबरई को देश में गिट्टी और निर्माण सामग्री के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है। इस हाईवे से भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और सप्लाई चेन पहले से ज्यादा मजबूत होगी।
लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मिलेगा बड़ा सपोर्ट
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूत करेगी। इसके जरिए चार प्रमुख आर्थिक केंद्रों और 10 लॉजिस्टिक्स नोड्स की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह हाईवे बुंदेलखंड में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और क्षेत्रीय विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगा।