BJP सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने लोकसभा में पत्रकारों की सुरक्षा नीति, बीमा, यात्रा रियायतें और कल्याणकारी योजनाओं की मांग उठाई। जानें प्रमुख प्रस्ताव।
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण का मुद्दा जोर-शोर से उठा। बीजेपी सांसद ने सरकार से मांग की कि पत्रकारों के लिए एक व्यापक और प्रभावी नीति बनाई जाए, जिससे उनकी सुरक्षा और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
सुरक्षा, बीमा और यात्रा रियायत की मांग
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद से सांसद Darshan Singh Choudhary ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए और पहले की तरह यात्रा में 50% रियायत बहाल की जाए। सांसद ने पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए जीवन और स्वास्थ्य बीमा की भी मांग की, साथ ही बच्चों की शिक्षा में सहायता और आवास सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
टोल छूट और AI ट्रेनिंग की भी उठी बात
सांसद ने राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर टोल में छूट देने की मांग भी रखी। इसके साथ ही बदलते दौर को देखते हुए पत्रकारों के लिए AI आधारित जर्नलिज्म ट्रेनिंग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मियों को नई तकनीकों से लैस करना समय की मांग है, जिससे वे अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें।

जोखिम में काम करते हैं पत्रकार
सांसद ने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है। यह व्यवस्था को जवाबदेह बनाती है और समाज को जागरूक करती है।उन्होंने यह भी कहा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को जहां सुरक्षा और सुविधाएं मिलती हैं, वहीं पत्रकारों को भी समान स्तर पर संरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि वे अक्सर संवेदनशील और जोखिम भरे हालात में काम करते हैं।