जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्ति ली, जनरल धीरज सेठ ने संभाली भारतीय सेना की कमान। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि देकर नए नेतृत्व का स्वागत किया।
उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को भारतीय सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके स्थान पर धीरज सेठ आज भारतीय सेना की कमान संभालेंगे। वे भारतीय सेना के 31वें थल सेनाध्यक्ष होंगे।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि, नए नेतृत्व को दी शुभकामनाएं
सेवानिवृत्ति के अवसर पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि वह सेना की जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेगी।
हर मोर्चे पर मजबूत रही सेना की तैयारी
जनरल द्विवेदी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने सभी मोर्चों पर अपनी तैयारी, संतुलन और सतर्कता बनाए रखी। उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत सेना की तैनाती पूरी मजबूती के साथ जारी रही। वहीं पश्चिमी मोर्चे पर भी सेना ने संयम और सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी मामलों में सेना ने अनुशासन, स्पष्ट उद्देश्य और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। इस दौरान थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय भी और मजबूत हुआ।
LAC पर स्थिति स्थिर, लेकिन संवेदनशील
जनरल द्विवेदी ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। भारतीय सेना ने सीमा पर मजबूत तैनाती बनाए रखी है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सेना परिवार से आते हैं जनरल धीरज सेठ
जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव है। उन्होंने दिसंबर 1986 में सेना जॉइन की थी और इससे पहले उप सेना प्रमुख के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उनके पिता कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने XXI स्ट्राइक कोर और III कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं की कमान भी संभाली थी।