बंगाल चुनाव में आईपीएस अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप, महुआ मोइत्रा और जहांगीर खान ने पलटवार किया। जानिए पूरा विवाद और वायरल वीडियो के बारे में।
बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तकरार लगातार बढ़ती जा रही है। इस बार विवाद का केंद्र बने हैं, आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा। 24 अप्रैल 2026 की रात को आरोप लगे हैं कि अजय पाल शर्मा के नेतृत्व में कुछ लोग महिलाओं के साथ मारपीट कर रहे थे।
आरोप है कि यह सब कुछ केंद्रीय बलों और पुलिस ऑब्जर्वर की मौजूदगी में हुआ। वहीं, महुआ मोइत्रा और जहांगीर खान ने इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया है और सोशल मीडिया पर इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ यह शिकायत बंगाल पुलिस में दर्ज की गई है। आरोप है कि कुछ लोग अपने आपको सीआरपीएफ का सदस्य बताकर अवैध तरीके से महिलाओं के घर में घुस गए और उन्हें वोट देने के लिए दबाव डाला। महिला का कहना है कि इस दौरान उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं।
अजय पाल शर्मा पर महिला के गंभीर आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि 24 अप्रैल को कुछ लोग उनके घर में घुस आए और उनके पति को अवैध तरीके से हिरासत में लेने की धमकी दी। महिला और उनकी भाभी के साथ बदसलूकी की गई, उनका कहना था कि आरोपियों ने उन्हें भाजपा को वोट देने के लिए मजबूर किया और अगर वे ऐसा नहीं करतीं, तो 4 मई के बाद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
यह घटना इस बात का संकेत है कि बंगाल चुनाव में तृणमूल और भाजपा दोनों के बीच विवाद गहरा रहा है, जहां केंद्रीय बल और पुलिस अधिकारी भी राजनीतिक विवादों के बीच फंसे हुए हैं।
महुआ मोइत्रा का अजय पाल शर्मा पर तीखा हमला
महुआ मोइत्रा ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया पर अजय पाल शर्मा के खिलाफ तीखा हमला किया। उन्होंने आईपीएस अजय पाल शर्मा का एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक महिला के साथ डांस करते हुए दिख रहे थे। महुआ ने इस वीडियो के साथ लिखा, 'आपका ‘फेंटा कॉप’ स्टाइल देखकर अच्छा लगा। थोड़ा संभल कर हीरोगिरी करना।'
महुआ ने इस वीडियो में शर्मनाक हरकतों को लेकर अजय पाल शर्मा की आलोचना की। इस पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अजय पाल शर्मा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
जहांगीर खान का पलटवार और BJP का बचाव
जहांगीर खान ने इस मामले में आईपीएस अजय पाल शर्मा को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर तुम खेल शुरू कर रहे हो तो उसे खत्म भी मैं करूंगा। जहांगीर खान का कहना था कि इस तरह की धमकियां देना किसी को नहीं भाएगा और वे इसे पूरे बंगाल में उजागर करेंगे।
वहीं, अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा, बीजेपी ने अपने एजेंटों को भेजकर बंगाल में चुनावी खेल खेले हैं। लेकिन इसका असर अब देखने को मिलेगा।
चुनावी हिंसा और केंद्रीय बलों की भूमिका
यह घटना बंगाल में चुनावी हिंसा और केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर सवाल उठाती है। महिला के आरोपों के अनुसार, यह सब केंद्रीय बलों और पुलिस ऑब्जर्वर की मौजूदगी में हुआ था, जो एक गंभीर मसला बन चुका है। बंगाल चुनाव में केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद, इस तरह की घटनाओं से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण होगी?
यह मामला अब लोकल मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और इससे बंगाल में चुनावी माहौल और भी गर्मा गया है।
बंगाल चुनाव में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
बंगाल चुनाव 2026 में एक नया मोड़ ले चुका है, जहां राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, और इस बार एक आईपीएस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह घटनाएं चुनावी माहौल को और भी तनावपूर्ण बना रही हैं।
इस मामले में आगे क्या होता है और केंद्रीय बलों के खिलाफ उठते सवालों का जवाब कैसे मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।