पश्चिम एशिया संकट के बीच 2922 भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे। पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज पर हमला नहीं हुआ। जानिए सरकार का बड़ा अपडेट।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब तक 2922 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित देश वापस लाया जा चुका है, खास बात यह है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज पर हमले की कोई घटना सामने नहीं आई। ऐसे में सरकार और नाविकों के परिवारों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है।
सरकार की निगरानी में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
दरअसल, यह पूरा ऑपरेशन कई मंत्रालयों के समन्वय से चल रहा है। पोत परिवहन, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं पिछले 24 घंटों में ही खाड़ी क्षेत्र से 30 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। सरकार का कहना है कि हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह का जोखिम न हो।
कंट्रोल रूम बना सहारा, हजारों कॉल का जवाब
अब समझिए इस ऑपरेशन की एक अहम कड़ी। डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम लगातार नाविकों और उनके परिवारों की मदद कर रहा है। अब तक 8,335 कॉल और 17,800 से ज्यादा ईमेल का जवाब दिया जा चुका है सिर्फ पिछले 24 घंटों में ही 67 कॉल और 144 ईमेल आए, जिनका तुरंत समाधान किया गया।
क्या अब सुरक्षित हैं भारतीय जहाज?
यही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। सरकार के मुताबिक, फिलहाल सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई नई घटना सामने नहीं आई है हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती, इसलिए निगरानी लगातार जारी है।
जमीन के रास्ते भी निकाले गए लोग
दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ हवाई नहीं, बल्कि जमीनी रास्तों का भी इस्तेमाल किया गया। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 2490 भारतीय नागरिकों को भूमि सीमा के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल चुका है।, यह दिखाता है कि हालात कितने चुनौतीपूर्ण हैं और बचाव के लिए हर संभव तरीका अपनाया जा रहा है।
ड़ानों और रास्तों की स्थिति कैसी है?
स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। संयुक्त अरब अमीरात से सीमित उड़ानें शुरू हो चुकी हैं, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भारत के लिए फ्लाइट्स जारी हैं इराक का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है, जिससे आवाजाही संभव हो रही है। वहीं, ईरान के हवाई क्षेत्र में सीमित गतिविधि की अनुमति है। सरकार ने भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है।