अमेरिका और रूस से LPG व क्रूड ऑयल लेकर जहाज भारत पहुंचे। फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाज सुरक्षित हैं। गैस संकट के बीच सप्लाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। अमेरिका और रूस से LPG और कच्चा तेल लेकर कई जहाज देश पहुंच चुके हैं। वहीं फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। बेंगलुरु से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप Mangalore Port पहुंचा है। इसके अलावा रूस से भी एक जहाज कच्चा तेल लेकर भारत आया है।
पिछले सात दिनों में कुल पांच जहाज गैस और क्रूड ऑयल लेकर समुद्री मार्ग से भारत पहुंच चुके हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है। इससे पहले 18 मार्च को ‘जग लाडकी’ टैंकर करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर Mundra Port पहुंचा था। वहीं 16 और 17 मार्च को ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के LPG कैरियर जहाज भी हजारों टन गैस लेकर भारत आए थे।
खाड़ी में 22 जहाज सुरक्षित
Persian Gulf में फिलहाल करीब 22 भारतीय जहाज मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी जहाज सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम शिपिंग रूट्स में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है।
गैस संकट के बीच सरकार का कदम
देश में LPG की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को गैस सप्लाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 23 मार्च से राज्यों को पहले के मुकाबले 20% ज्यादा LPG उपलब्ध कराई जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस अतिरिक्त आपूर्ति से धीरे-धीरे सप्लाई को सामान्य स्तर पर लाने की कोशिश की जा रही है। प्राथमिकता के आधार पर सामुदायिक रसोई, होटल, ढाबों और औद्योगिक इकाइयों को गैस उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
क्यों अहम है यह स्थिति
हाल ही में Iran और Israel के बीच बढ़े सैन्य तनाव के चलते होर्मुज मार्ग पर असर पड़ा है। इस कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका 80-85% हिस्सा इसी मार्ग से आता है। ऐसे में जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में हालात स्थिर रहते हैं, तो आने वाले दिनों में सप्लाई सामान्य होने की संभावना है।