भारत-जापान साझेदारी को नई दिशा देते हुए पीएम मोदी ने ताकाइची को छोटी बहन बताया। वहीं जापान की प्रधानमंत्री ने समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा और तकनीक सहयोग पर अहम बयान दिया।
भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार मिला है। नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों को भरोसे और साझेदारी की नई दिशा दी। इस दौरान आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा और तकनीक से जुड़े कई बड़े समझौते सामने आए।
दोनों नेताओं की बातचीत में सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई। भारत और जापान ने अगले दशक के लिए निवेश और तकनीकी सहयोग का एक नया रोडमैप भी तैयार किया है, जिसे दोनों देशों की भविष्य की रणनीति का आधार माना जा रहा है।
भारत में 1000 बायोगैस प्लांट का बड़ा प्लान
बैठक के दौरान इंडिया-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के तहत भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक खाद प्लांट लगाने पर सहमति बनी। इस योजना को गोबरधन स्कीम से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा बल्कि गांवों में रोजगार और कृषि आधारित आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ऊर्जा और तकनीक में गहराता सहयोग
दोनों देशों ने बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैटेरियल्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इस साझेदारी को स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य की तकनीकों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर भी फोकस
भारत और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। नौसेना अभ्यास, जहाजों के रखरखाव और रक्षा उपकरण निर्माण में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने ‘मेक इन इंडिया’ फ्रेमवर्क के तहत रक्षा उत्पादन को आगे ले जाने पर सहमति जताई।
निवेश और आर्थिक साझेदारी का नया लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में भारत में जापान का निवेश 10 ट्रिलियन येन से अधिक होना चाहिए। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला लक्ष्य माना जा रहा है। साथ ही स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
राजनयिक रिश्तों के 75 साल की तैयारी
मोदी ने कहा कि अगले वर्ष भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे, जिसे दोनों देश विशेष रूप से मनाएंगे। इस मौके पर संस्कृति, पर्यटन और क्रिएटिव इकोनॉमी में भी साझेदारी को नई गति देने की तैयारी की जा रही है।