Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > देश

E25 Petrol Rollout Delayed

E25 पर क्यों थमी सरकार की रफ्तार? पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का फैसला फिलहाल टलना तय

पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने की योजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकती। E20 को लेकर सामने आई शिकायतों और तकनीकी तैयारियों के बीच सरकार E25 पर दोबारा समीक्षा कर रही है।


e25 पर क्यों थमी सरकार की रफ्तार पेट्रोल में 25 एथेनॉल मिलाने का फैसला फिलहाल टलना तय

Delay In E25 Petrol News |

पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने की सरकार की अगली बड़ी योजना फिलहाल रुक सकती है। E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों की लगातार शिकायतों और तकनीकी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार E25 यानी 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू करने में जल्दबाजी के मूड में नहीं दिख रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की मानें तो सरकार अब E25 लागू करने से पहले व्यापक तकनीकी परीक्षण, उद्योग से चर्चा और सभी संबंधित एजेंसियों की तैयारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी वजह से इस फैसले को कुछ समय के लिए टाले जाने की संभावना जताई जा रही है।

E20 पर उठे सवालों ने बढ़ाई चुनौती

देश में फिलहाल E20 पेट्रोल उपलब्ध है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। लेकिन कई वाहन मालिकों ने दावा किया है कि E20 इस्तेमाल करने के बाद कुछ गाड़ियों में माइलेज कम हुआ है। वहीं पुरानी गाड़ियों के इंजन और अन्य पार्ट्स पर असर पड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन फीडबैक ने E25 को लेकर सरकार की सतर्कता बढ़ा दी है।

E25 से पहले तकनीकी तैयारी पर रहेगा फोकस

रिपोर्ट के अनुसार सरकार चाहती है कि E25 लागू होने से पहले वाहन निर्माता कंपनियां, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां और दूसरी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह तैयार हों। इसके लिए इंजन कैलिब्रेशन, दोबारा टेस्टिंग और तकनीकी मूल्यांकन जैसे पहलुओं पर विस्तृत काम किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी तरह की व्यावहारिक समस्या सामने न आए।

सरकार के लक्ष्य में बदलाव नहीं

पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाने का उद्देश्य अब भी वही है। सरकार कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना, प्रदूषण कम करना और एथेनॉल उत्पादन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति पर कायम है। हालांकि अब इस दिशा में अगला कदम उठाने से पहले सभी पहलुओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

वाहन मालिकों और कंपनियों के अलग-अलग दावे

वाहन मालिकों का कहना है कि E20 से कुछ मॉडलों में प्रदर्शन और माइलेज प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर सरकार और ऑटो कंपनियां लगातार यह कहती रही हैं कि E20 को लंबे परीक्षण के बाद लागू किया गया है और नए वाहनों के लिए यह सुरक्षित है। ऐसे में E25 को लेकर आगे बढ़ने से पहले सरकार सभी पक्षों के अनुभव और तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार करना चाहती है।

आगे क्या हो सकता है

फिलहाल संकेत यही हैं कि E25 लागू करने पर तत्काल कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। पहले परीक्षण, तकनीकी अध्ययन और तैयारियों की समीक्षा पूरी होगी। उसके बाद ही सरकार एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के अगले चरण को लेकर अंतिम रणनीति तय करेगी।

Related to this topic: