कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। जानिए क्या रहेगा असर और क्या हैं सरकारी निर्देश।
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को पूरे देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान देशभर की सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।
सरकार ने इस फैसले के साथ कतर के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त करने के लिए कतर जाएंगे।
भारत सरकार ने जारी किए ये निर्देश
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शोक के दौरान जहां-जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है, वहां उसे आधा झुकाया जाएगा। साथ ही 13 जुलाई को किसी भी प्रकार के सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। यह फैसला कतर के पूर्व अमीर के सम्मान में लिया गया है।
पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें दूरदर्शी नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए और भारत-कतर संबंध भी मजबूत हुए। प्रधानमंत्री ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति संवेदना भी प्रकट की।
2024 की मुलाकात का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपनी फरवरी 2024 की कतर यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान उन्हें शेख हमद से मिलने का अवसर मिला था। इस यात्रा के बाद व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में भारत-कतर सहयोग को नई गति मिली थी। कतर भारत का प्रमुख ऊर्जा साझेदार है और वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी रहते हैं।
1995 से 2013 तक संभाली थी कतर की कमान
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बाद में उन्होंने सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी। उनके कार्यकाल में कतर ने प्राकृतिक गैस संसाधनों के आधार पर तेज आर्थिक विकास किया और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई।