चुनाव आयोग ने जिन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है। वहां ऑनलाइन फॉर्म 6 से अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है। अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने वालों से SIR से जुड़ी वह अलग जानकारी नहीं मांगी जाएगी।
नई दिल्ली। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने वालों के लिए एक राहत भरी खबर है। चुनाव आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म 6 से SIR वाला अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है। जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह बदलाव मंगलवार की देर रात CEINET पोर्टल पर किया गया। आयोग ने 26 सितंबर को इसका ऐलान किया था। जिन राज्यों में एसआईआर अभी चल रहा है। वहां, फॉर्म 6 में यह घोषणा अब भी दिखेगी।
फॉर्म 6 में क्या बदला
बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से जारी किया गया फॉर्म 6 वह फॉर्म है जिससे वोटर लिस्ट में नया नाम जुड़ता है। इसमें आवेदक को यह बताना होता था कि उसके किसी रिश्तेदार का नाम पिछले एसआईआर में था या नहीं। सवाल यह भी था कि 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम दर्ज था या नहीं। एसआईआर पूरा हो चुके राज्यों में अब यह हिस्सा फॉर्म से गायब है।
दो चुनाव आयुक्तो ने जताई थी आपत्ति
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की मानें तो चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधु ने फॉर्म में यह हिस्सा जोड़े जाने पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म में नया हिस्सा जोड़ दिया गया। जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है। इसलिए इसमें फेरबदल से पहले नियम बदलने होंगे। संधू ने ऑनलाइन फॉर्म जोड़े गए हिस्से को अनधिकृत और वैध बताते हुए हटाने की बात कही थी।
5 सवालों में समझिए इस बदलाव का मतलब
अगर एसआईआर में आपका नाम कट गया है और आप दोबारा नाम जुड़वाना चाहते हैं तो अब यह बताना जरूरी नहीं कि आपका या माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था या नहीं। पहली बार वोटर बनने वालों को भी माता-पिता या दादा-दादी की 2003 की लिस्ट वाली जानकारी नहीं देनी होगी। नए वोटरों के लिए यह सबसे बड़ी सहूलियत है क्योंकि उन्हें पुराने रिकॉर्ड खंगालने की झंझट नहीं रहेगी।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएंगे। फॉर्म 6 की सामान्य प्रक्रिया और वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह चलेगी। 2003 की वोटर लिस्ट भी बेकार नहीं हुई है। एसआईआर की प्रक्रिया में रिकॉर्ड की जांच और मिलान के लिए उसका इस्तेमाल हो सकता है। बस आवेदक को फॉर्म में अलग से यह घोषणा नहीं देनी पड़ेगी।
देश भर में अब तक कहां कहां हुआ एसआईआर
एसआईआर के पहले और दूसरे चरण में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। इनके बाद हुए विधानसभा चुनावों में बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम में बीजेपी जीती। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में टीवीके को जीत मिली। असम में स्पेशल रिवीजन यानी एसआर हुआ था। वहां भी भाजपा की सरकार लौटी।
तीसरे चरण में 16 राज्यों में चल रही प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का तीसरा चरण घोषित किया था। यह प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी और इसमें 36.73 करोड़ वोटरों का सत्यापन हो रहा है। इन राज्यों में पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। बाकी 13 राज्यों में चुनाव 2028 और 2029 में होंगे।