एग्जिट पोल में बंगाल में BJP बढ़त के संकेत, तमिलनाडु में DMK की वापसी और केरल में UDF आगे। क्या 4 मई को नतीजे बदल देंगे ये तस्वीर? जानें पूरा विश्लेषण।
पांच राज्यों में चुनाव खत्म होते ही अब असली जंग आंकड़ों की शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में वोटिंग पूरी हो चुकी है। 29 अप्रैल को बंगाल में अंतिम चरण के साथ चुनावी शोर थमा, लेकिन एग्जिट पोल ने नई बहस छेड़ दी। कई सर्वे BJP को बढ़त दिखा रहे हैं।
अब नजर 4 मई पर है, जब असली नतीजे सामने आएंगे। अब क्या ये एग्जिट पोल सही साबित होंगे या तस्वीर बदल जाएगी? यही सबसे बड़ा सवाल है।
बंगाल में BJP बढ़त सही होगी साबित
बुधवार को सामने आए एग्जिट पोल में पश्चिम बंगाल में 7 में से 5 पोल में BJP को आगे दिखा रहे हैं। यह संकेत बड़ा राजनीतिक बदलाव दिखा सकता है। हालांकि राज्य का चुनावी इतिहास बताता है कि यहां आखिरी वक्त में समीकरण बदलते रहे हैं। अगर यह ट्रेंड सही साबित हुआ, तो बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
तमिलनाडु में DMK की वापसी के संकेत
तमिलनाडु में DMK गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं। AIADMK को कड़ी टक्कर मिल रही है। लेकिन सीटों का अंतर DMK के पक्ष में जा सकता है। यहां मुकाबला सीधा है। इसलिए एग्जिट पोल का असर भी ज्यादा स्पष्ट नजर आ रहा है।
केरल में 10 साल बाद बदल सकती है सत्ता?
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाला UDF बढ़त बनाता दिख रहा है। अगर यह सच हुआ, तो 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन होगा। वामपंथी LDF के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है, क्योंकि वह लगातार सत्ता में बना हुआ था। यह राज्य हमेशा से अलग राजनीतिक ट्रेंड दिखाता है, इसलिए यहां का परिणाम खास मायने रखता है।
असम में BJP मजबूत, लेकिन चुनौती बरकरार
असम में BJP गठबंधन को 88 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है। यह उसे सत्ता में बनाए रख सकता है। कांग्रेस गठबंधन पीछे दिख रहा है, लेकिन पूरी तरह मुकाबले से बाहर नहीं है। यहां एंटी-इंकंबेंसी का असर सीमित नजर आ रहा है, जो BJP के पक्ष में जा सकता है।
पुडुचेरी में NRC गठबंधन आगे, कांग्रेस पीछे
पुडुचेरी में NRC गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है। सीटों के आंकड़े उसे सरकार बनाने की स्थिति में दिखाते हैं। कांग्रेस गठबंधन यहां कमजोर नजर आ रहा है और सीटें सीमित हो सकती हैं। छोटे राज्य का यह परिणाम भी राष्ट्रीय राजनीति में संदेश देने वाला हो सकता है।
4 मई पर टिकी नजर, एग्जिट पोल बनाम असली नतीजे
एग्जिट पोल सिर्फ रुझान दिखाते हैं, अंतिम फैसला मतगणना के दिन ही होता है। 4 मई को साफ होगा कि जनता ने किसे सत्ता सौंपी और किसे विपक्ष में बैठाया। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये आंकड़े सही साबित होते हैं या फिर एक बार फिर चुनावी गणित सबको चौंका देगा।