एग्जिट पोल 2026 ने बंगाल में सस्पेंस और तमिलनाडु में विजय फैक्टर को गर्मा दिया है। Axis के पीछे हटने से सवाल बढ़े, जानिए पांच राज्यों के चुनावी संकेत और असर।
नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होते ही 29 अप्रैल को एग्जिट पोल सामने आए। लेकिन तस्वीर साफ होने के बजाय और धुंधली हो गई। सबसे बड़ा सवाल पश्चिम बंगाल को लेकर खड़ा हुआ। कौन जीतेगा? ये तो 4 मई को तय होगा। लेकिन अभी जो संकेत हैं, वो राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाले हैं। खासकर तब, जब एक बड़ी एजेंसी ने बंगाल पर आंकड़े देने से ही मना कर दिया।
वहीं, तमिलनाडु में एक नया चेहरा समीकरण बिगाड़ता दिख रहा है। इसके अलावा असम, केरल और पुड्डुचेरी में भी सत्ता बदलने या बरकरार रहने के संकेत मिल रहे हैं।
बंगाल पर Axis के फैसले ने बढ़ाया शक
पश्चिम बंगाल में ज्यादातर एग्जिट पोल सत्ताधारी टीएमसी और बीजेपी के बीच बेहद करीबी मुकाबला दिखा रहे हैं। कुछ सर्वे तो त्रिशंकु विधानसभा की ओर इशारा कर रहे हैं। लेकिन असली चर्चा Axis My India के फैसले ने छेड़ दी। पहले सैंपल साइज छोटा बताया गया। फिर पूरी तरह डेटा जारी करने से इनकार कर दिया गया।
राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या जमीनी तस्वीर इतनी उलझी है कि अनुमान लगाना मुश्किल हो गया?
‘परिवर्तन’ की चर्चा
15 साल से सत्ता में रही ममता बनर्जी की सरकार पर इस बार दबाव साफ दिख रहा है। एग्जिट पोल के संकेत बताते हैं कि मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा है। अगर त्रिशंकु स्थिति बनती है, तो छोटे दलों और निर्दलीयों की भूमिका अहम हो सकती है। इससे सरकार गठन की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है। आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि नीतियों में देरी, राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक अस्थिरता की आशंका।
तमिलनाडु में 'विजय' फैक्टर
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK चर्चा में है। कुछ एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि यह पार्टी पारंपरिक डीएमके-एआईडीएमके राजनीति को चुनौती दे सकती है। हालांकि, ज्यादातर सर्वे अभी भी डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को बढ़त दे रहे हैं। फिर भी TVK का उभार भविष्य की राजनीति का संकेत माना जा रहा है। युवाओं और शहरी वोटर्स में विजय का असर साफ दिख रहा है, जो लंबे समय से बदलाव की बात कर रहे थे।
असम, केरल और पुड्डुचेरी में अलग-अलग संकेत
असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटती दिख रही है। एग्जिट पोल कांग्रेस के लिए यहां राहत नहीं दिखा रहे। केरल में वाम मोर्चा (LDF) के लिए खतरे की घंटी बजती दिख रही है। अगर अनुमान सही निकले, तो राज्य में राजनीतिक बदलाव तय माना जा रहा है। पुड्डुचेरी में NDA की वापसी के संकेत हैं, जो दक्षिण भारत में उसकी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।
एग्जिट पोल ने बढ़ाई अनिश्चितता
इन एग्जिट पोल्स ने एक बात साफ कर दी है। इस बार चुनाव सीधा नहीं है। हर राज्य में अलग कहानी बन रही है। कहीं सत्ता पर खतरा है, तो कहीं नया खिलाड़ी उभर रहा है। लेकिन Axis My India के कदम ने यह भी दिखा दिया कि आंकड़ों के पीछे की जमीन हमेशा साफ नहीं होती। अब 4 मई का इंतजार है, जब ये सारे अनुमान असली नतीजों से टकराएंगे।