दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची 19 अक्तूबर को जारी होगी। करीब 98.57 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंच चुके हैं। हालांकि ऑनलाइन डिजिटाइजेशन की धीमी रफ्तार बड़ी चुनौती है।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। चुनाव आयोग ने बताया है कि राजधानी में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 19 अक्तूबर को प्रकाशित की जाएगी। हालांकि घर-घर फॉर्म पहुंचाने का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन इन्हें डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने की प्रक्रिया अभी धीमी चल रही है।
14 जुलाई रात आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के कुल 1,45,10,298 मतदाताओं में से 1,43,02,626 लोगों तक गणना फॉर्म पहुंच चुके हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का 98.57 प्रतिशत है। दूसरी ओर सिर्फ 17,66,553 फॉर्म ही ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज हो पाए हैं, जो कुल मतदाताओं का 12.17 प्रतिशत है।
फॉर्म वितरण पूरा होने के करीब लेकिन डिजिटाइजेशन चुनौती
चुनाव आयोग ने SIR अभियान के लिए 30 जून से 29 जुलाई तक की समय सीमा तय की है। फॉर्म वितरण के मामले में ज्यादातर जिले 98 से 100 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। नई दिल्ली जिले में सभी पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने का दावा किया गया है। वहीं उत्तर-पूर्व, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम समेत कई जिले भी 99 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद ऑनलाइन फॉर्म दर्ज करने की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है। करीब 1.25 करोड़ फॉर्म अभी भी डिजिटाइज होने बाकी हैं। चुनाव प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना SIR अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
कुछ जिलों में डिजिटाइजेशन की रफ्तार आगे
ऑनलाइन फॉर्म दर्ज करने के मामले में आउटर नॉर्थ जिला सबसे आगे चल रहा है। यहां 25.25 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिले में 17.63 प्रतिशत, सेंट्रल नॉर्थ में 15.41 प्रतिशत, नॉर्थ में 14.70 प्रतिशत और पश्चिम जिले में 14.61 प्रतिशत फॉर्म ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं। वहीं, कुछ जिलों में डिजिटल प्रक्रिया अभी काफी पीछे है। ओल्ड दिल्ली में 7.22 प्रतिशत, पूर्वी दिल्ली में 7.25 प्रतिशत और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में 7.90 प्रतिशत फॉर्म ही ऑनलाइन दर्ज हो पाए हैं। इन क्षेत्रों में प्रक्रिया तेज करने की जरूरत बताई जा रही है।
SIR के जरिए मतदाता सूची को अपडेट करने की कवायद
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाना है। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं की जानकारी को सत्यापित कर रहा है। अंतिम सूची जारी होने के बाद दिल्ली के मतदाताओं को अपडेटेड रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। फिलहाल आयोग का फोकस बचे हुए फॉर्म के डिजिटाइजेशन पर है, ताकि तय समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सके। 19 अक्तूबर को जारी होने वाली अंतिम सूची दिल्ली की आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।