दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित अंकित शर्मा हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने सजा का फैसला सुनाया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य से जुड़ी धाराएं शामिल हैं, के तहत दोषी ठहराया। हालांकि अदालत ने उन्हें धारा 120बी और 129 के आरोपों से बरी कर दिया।
अंकित शर्मा की हत्या कैसे हुई थी
अभियोजन के अनुसार 24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भड़की हिंसा के दौरान अंकित शर्मा घर से सामान लेने निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए। बाद में उनका शव चांदबाग पुलिया के पास एक नाले से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर धारदार हथियार और कुंद वस्तु से लगी 51 चोटों का उल्लेख किया गया था।
एफआईआर से लेकर ट्रायल तक का घटनाक्रम
अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया। जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल हुआ और मार्च 2023 में कई आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी।
दिल्ली दंगों के चर्चित मामलों में शामिल था केस
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। अंकित शर्मा हत्याकांड उसी हिंसा के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा। इस मामले में अदालत के ताजा फैसले के बाद पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग कानूनी प्रक्रिया पहले से चलती रही है।