Breaking News
  • आगरा में पेड़ से टकराई बोलेरो पिता, बेटा-बहू और पोती समेत 5 की मौत
  • केरल चुनाव में BJP की दूसरी सूची जारी, 39 नाम घोषित; विजयन ने भी भरा पर्चा
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वृंदावन दौरा, प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
  • बाजार की ग्रीन शुरुआत, सेंसेक्स 800 अंक चढ़ा, क्रूड ऑयल सस्ता होने से राहत
  • नेतन्याहू का बड़ा बयान: ‘मैं जिंदा हूं’, ईरान की लीडरशिप खत्म होने का दावा
  • UP Weather Update: ओलावृष्टि और तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित, 2 की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट
  • अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ की रिपोर्ट, पाकिस्तानी मिसाइलों से अमेरिका को खतरा

होम > देश

Dawood Ibrahim Properties Auction: Mumbai Buyer Wi

मुंबई के इस शख्स ने खरीदीं अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की प्रोपर्टी

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में दाऊद इब्राहिम से जुड़ी जमीनों की नीलामी में मुंबई के एक व्यक्ति ने सभी चार कृषि भूखंड खरीद लिए। जानिए SAFEMA कानून और इस नीलामी की पूरी जानकारी।


मुंबई के इस शख्स ने खरीदीं अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की प्रोपर्टी

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी पुश्तैनी जमीनों की नीलामी की गई। पांच मार्च को केंद्र सरकार की ओर से कराई गई इस नीलामी में मुंबई के एक बोलीदाता ने सभी चार कृषि भूमि पार्सल खरीद लिए। यह जमीनें रत्नागिरी के खेड तालुका के मुम्बके गांव में स्थित हैं, जो दाऊद इब्राहिम का पैतृक गांव माना जाता है। खास बात यह है कि इनमें से कई संपत्तियां उसकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थीं।

सफेमा कानून के तहत हुई नीलामी

यह नीलामी तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेरकर्ता अधिनियम (सफेमा) के तहत की गई। इस कानून के जरिए सरकार उन लोगों की संपत्तियां जब्त करती है, जो तस्करी या अवैध गतिविधियों में शामिल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कासकर परिवार से जुड़ी संपत्तियों के निपटान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि, अभी खरीदार की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। नीलामी जीतने वाले बोलीदाता को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरी रकम जमा करनी होगी। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की अंतिम मंजूरी मिलेगी और फिर संपत्तियों का ट्रांसफर पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में कानूनी जांच और कागजी कार्रवाई भी अहम भूमिका निभाएगी, ताकि आगे किसी तरह का विवाद न हो।

कम दिलचस्पी की बड़ी वजहें

अधिकारियों के मुताबिक, इन संपत्तियों में लोगों की कम दिलचस्पी के पीछे कई कारण रहे हैं। सबसे बड़ी वजह दाऊद इब्राहिम से जुड़ा 'कलंक' माना जाता है। इसके अलावा जमीनों का ग्रामीण इलाके में होना, कृषि उपयोग की सीमाएं और कानूनी-सामाजिक संवेदनशीलता भी बड़े कारण हैं। यही वजह है कि लंबे समय तक ये संपत्तियां बिक नहीं पाई। इस बार की नीलामी में सर्वे नंबर 442 (हिस्सा नंबर 13-बी) की जमीन, जिसकी रिजर्व कीमत 9.41 लाख रुपये थी, 10 लाख रुपये से ज्यादा में बिकी। इस पर दो बोलीदाता शामिल हुए थे। वहीं बाकी तीन जमीनों सर्वे नंबर 533, 453 और 617 पर सिर्फ एक ही बोलीदाता ने हिस्सा लिया और उसने ही सभी संपत्तियां खरीद ली।

1993 धमाकों के बाद जब्त हुई थीं संपत्तियां

बताया जाता है कि ये संपत्तियां 1990 के दशक में कासकर परिवार से जब्त की गई थीं। बाद में 1993 मुंबई बम धमाकों के बाद संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के तहत इन्हें केंद्र सरकार के अधीन कर दिया गया। तब से अब तक इनकी नीलामी की कोशिशें जारी थीं, लेकिन कई कानूनी और सामाजिक कारणों से प्रक्रिया बार-बार अटकती रही