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New COVID Cicada Variant Global Alert

कोरोना का नया खतरा ‘सिकाडा’ वेरिएंट: 23 देशों में फैलाव, वैज्ञानिकों की चेतावनी

दुनिया में कोरोना का नया ‘सिकाडा’ वेरिएंट 23 देशों में फैल चुका है। भारी म्यूटेशन और तेजी से फैलाव के कारण वैज्ञानिकों ने सतर्क रहने की चेतावनी दी है।


कोरोना का नया खतरा ‘सिकाडा’ वेरिएंट 23 देशों में फैलाव वैज्ञानिकों की चेतावनी

Corona New Variant |

दुनिया एक बार फिर कोरोना के नाम से सतर्क होने लगी है। कई देशों में अचानक बढ़ते केस और एक नए वेरिएंट की एंट्री ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस नए वेरिएंट का नाम है ‘सिकाडा’। इसका नाम जितना अलग है प्रकृति भी उतनी ही चौंकाने वाली बताई जा रही है।

क्या है ‘सिकाडा’ वेरिएंट?

यह दरअसल ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट BA.3.2 है, जिसे वैज्ञानिकों ने ‘सिकाडा’ नाम दिया है। नाम के पीछे वजह और चौंकाने वाली है। दरअसल, सिकाडा एक ऐसा कीड़ा होता है जो सालों तक जमीन के नीचे रहता है। फिर अचानक बड़ी संख्या में बाहर आता है। कुछ ऐसा ही व्यवहार इस वेरिएंट में भी देखा जा रहा है। लंबे समय तक नजरों से दूर और फिर अचानक तेजी से फैलाव होता है।

23 देशों में फैल चुका संक्रमण

स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, यह वेरिएंट अब तक 23 देशों में मिल चुका है। पहली बार इसकी पहचान दक्षिण अफ्रीका  में नवंबर 2024 में हुई थी। अमेरिका के 25 राज्यों में संकेत मिले हैं। इसके साथ ही एयरपोर्ट सैंपल और वेस्टवॉटर टेस्ट में पुष्टि हुई। यानी यह सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर फैलने की क्षमता दिखा रहा है। इस वेरिएंट की सबसे बड़ी चिंता इसकी जेनेटिक बनावट है।

क्या कहते हैं आंकड़े?

स्पाइक प्रोटीन में 70-75 म्यूटेशन हैं। वहीं, पुराने वेरिएंट JN.1 में 30-40 म्यूटेशन थे। स्पाइक प्रोटीन वही हिस्सा होता है, जिससे वायरस शरीर की कोशिकाओं पर हमला करता है। ज्यादा म्यूटेशन का मतलब है कि इम्युनिटी को चकमा देने की ज्यादा क्षमता होना। इसके चलते यह वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा चिंतित कर रही है।

लक्षण क्या हैं?

लक्षण पूरी तरह नए नहीं हैं, लेकिन इन्हें हल्के में लेना ठीक नहीं होगा। इसके आम लक्षणों की बात करें तो गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बंद, थकान, सिरदर्द, बुखार शामिल है। वहीं, कुछ अलग संकेतों की बात करें तो पेट की दिक्कत होना, जी मिचलाना और डायरिया शामिल हैं। यानी यह वेरिएंट सिर्फ रेस्पिरेटरी नहीं, बल्कि कुछ मामलों में डाइजेस्टिव सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है।

क्या खतरा बढ़ सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह वेरिएंट तेजी से फैलता है, तो केस बढ़ सकते हैं। हालांकि अभी तक गंभीरता को लेकर स्पष्ट तस्वीर नहीं है। फिलहाल, सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा सतर्क रहें।

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