आंध्र प्रदेश में चार साल बाद कोविड-19 से मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। जानिए नए मामलों, जांच और विशेषज्ञों की क्या राय है।
नई दिल्ली। देश में लंबे समय तक शांत रहने के बाद कोविड-19 को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। आंध्र प्रदेश में करीब चार साल बाद कोविड-19 से मौत का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। इसके साथ ही चार नए संक्रमित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कडपा जिले के 46 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार मरीज के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण और निमोनिया के लक्षण मिले। हालांकि मौत की असली वजह की पुष्टि अभी बाकी है। इसके लिए बायोलॉजिकल सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं।
इसी दौरान जिले में चार अन्य लोगों की आरटी-पीसीआर जांच में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें तीन मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जबकि एक को हल्के लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि संक्रमित सभी लोगों को कोविड वैक्सीन की कम से कम दो डोज लग चुकी थीं। इनमें से एक व्यक्ति ने बूस्टर डोज भी ली थी। इससे लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना फिर से लौट रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन गंभीर बीमारी और मृत्यु के खतरे को काफी हद तक कम करती है, लेकिन समय के साथ प्रतिरक्षा क्षमता घटने और वायरस के नए स्वरूपों के कारण संक्रमण के मामले सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग समेत आवश्यक एहतियाती कदम उठा रहा है।