राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय ने एक पाती में अपने जीवन को खुली पुस्तक बताया और कहा कि सत्य जल्द ही सबके सामने आएगा।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव एवं विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री चंपत राय ने मंगलवार को राम भक्तों के नाम एक पाती जारी की। उन्होंने कहा कि 6 जून 2026 को श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र की गणना के दौरान हुई कथित चोरी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और उन पर कई व्यक्तिगत व अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
श्री राय ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले पर मौन धारण किया हुआ है। उन्होंने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है, जबकि पहले इसे अत्यंत गोपनीय रखा गया था।
उन्होंने कहा, "मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मेरे संबंध में फैलाए जा रहे सभी आरोपों और सवालों का क्रमवार जवाब दूंगा। तब पूरा सत्य सबके सामने होगा।"श्री राय ने आगे लिखा, "संगठन ने मुझे अक्टूबर 1991 में अयोध्या भेजा था। मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्षों का है। जहां-जहां मैं रहा, मेरा जीवन एक खुली पुस्तक की तरह रहा है। अयोध्या में मेरा दायित्व अब पूरा हो गया है।"
उल्लेखनीय है कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की नौ पन्नों की रिपोर्ट में कहीं भी न्यास के पूर्व महासचिव श्री चंपत राय पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है। इतना ही नहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की सोमवार को हुई बैठक में भी उनके कामकाज को लेकर कोई आपत्ति या सवाल नहीं उठाया गया।
अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संभाला कार्यभार
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के नए अंतरिम महासचिव श्री कृष्ण मोहन ने मंगलवार को अपना कार्यभार संभाल लिया।
तीन आरोपियों की रिमांड एक दिन बढ़ी
उधर, मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को फैजाबाद की एंटी करप्शन अदालत में तीन आरोपियों—लवकुश, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पाण्डेय—की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की। हालांकि, अदालत ने तीनों आरोपियों की एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। बुधवार को विवेचक तीनों आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।