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BJP Wins 3 Seats Kerala

‘जीरो सीट’ वाली बीजेपी ने केरल में कैसे पलटा खेल, 3 सीट जीतकर बदला सियासी गणित

केरल में बीजेपी ने 3 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। कभी ‘जीरो सीट’ कहे जाने वाली पार्टी ने अब राज्य की राजनीति में मजबूत एंट्री कर सियासी समीकरण बदल दिए हैं।


‘जीरो सीट’ वाली बीजेपी ने केरल में कैसे पलटा खेल 3 सीट जीतकर बदला सियासी गणित

Keralam Assembly Election 2026 Result |

केरल की राजनीति में इस बार एक नई कहानी लिखी गई है। जिस बीजेपी को कभी ‘जीरो सीट पार्टी’ कहा गया, उसने अब 3 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। असम और बंगाल के बाद केरल से भी पार्टी को राहत भरी खबर मिली। हालांकि सत्ता कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास गई। लेकिन बीजेपी ने अपने लिए जमीन मजबूत कर ली। 

यह नतीजा सिर्फ सीटों का आंकड़ा नहीं है। यह उस बदलाव का संकेत है, जो धीरे-धीरे केरल की पारंपरिक राजनीति में दिखाई दे रहा है।

किन सीटों पर मिली जीत

राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट से 3513 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने CPI(M) के मजबूत नेता वी शिवनकुट्टी को हराया। वी. मुरलीधरन ने कझाकूटम से बेहद करीबी मुकाबले में 428 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं, बीबी गोपाकुमार चथन्नूर ने चथन्नूर सीट पर 4398 वोटों से जीत हासिल की। इन तीन जीतों ने बीजेपी को पहली बार केरल विधानसभा में मजबूत एंट्री दिलाई है।

वोट शेयर ने भी दिया बड़ा संकेत

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी को करीब 24 लाख वोट मिले। पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ते हुए लगभग 12% वोट शेयर हासिल किया। कांग्रेस को करीब 29% वोट मिले, लेकिन बीजेपी ने कई सीटों पर दोनों बड़े गठबंधनों को कड़ी टक्कर दी। यह दिखाता है कि भले ही सीटें कम हों, लेकिन वोट बैंक धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

‘जीरो सीट’ से 3 सीट तक का सफर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कभी बीजेपी को केरल में ‘जीरो सीट पार्टी’ कहा था। अब वहीं बीजेपी तीन सीटों के साथ विधानसभा में पहुंच रही है। इससे राजनीतिक बयानबाजी और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क साफ नजर आता है। 2016 में ओ. राजगोपाल (O. Rajagopal) ने नेमोम से जीतकर खाता खोला था। अब 2026 में पार्टी ने उस प्रदर्शन को आगे बढ़ाया है।

सबसे बेहतर प्रदर्शन क्यों माना जा रहा

केरल में बीजेपी का यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। राज्य में लंबे समय से LDF और UDF के बीच ही मुकाबला होता रहा है। इसके बावजूद बीजेपी ने तीन सीट जीतकर यह दिखाया कि वह तीसरे विकल्प के तौर पर खुद को स्थापित करने की कोशिश में सफल हो रही है। RSS के मजबूत नेटवर्क और लगातार ग्राउंड वर्क का असर अब चुनावी नतीजों में भी दिखने लगा है।

आम जनता और राजनीति पर असर

इन नतीजों के बाद केरल की राजनीति अब पूरी तरह दो ध्रुवीय नहीं रह सकती। बीजेपी की एंट्री से मुकाबला और त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है। इसका सीधा असर आने वाले चुनावों पर पड़ेगा, जहां वोटों का बंटवारा और रणनीति दोनों बदल सकते हैं। फिलहाल साफ है कि छोटी दिखने वाली यह जीत, भविष्य की बड़ी राजनीति की नींव बन सकती है।

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